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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. एसबीआर कालेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व सचिव समेत 6 भाजपाई शुक्रवार की दोपहर एक छात्र का पीछा करते हुए थाने पहुंच गए। थाने के भीतर उन्होंने युवक की पिटाई शुरू कर दी। उन्हें रोकने के लिए एसआई को रिवाल्वर निकालनी पड़ी। पुलिस के खदेड़ने पर युवक भाग खड़े हुए। सिविल लाइन थाने में भाजपाइयों के खिलाफ बलवा का जुर्म कायम कर लिया गया है।
सिविल लाइन पुलिस के मुताबिक तिफरा फाटक के पास रहने वाला 22 वर्षीय महेश ठाकुर जरहाभाठा स्थित एसबीआर कालेज में एमए पूर्व राजनीति का छात्र है। आज दोपहर 12 बजे वह कालेज गया।
गेट के पास कालेज का पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शैलेंद्र यादव, शरद यादव, पूर्व सचिव गंगासागर बंजारे, अंकुर कटकवार, संतोष कश्यप व सुरेश पटेल खड़े थे। उन्होंने महेश को रोक लिया और पास बुलाकर मारपीट करने लगे। महेश किसी तरह उनसे बचकर भाग निकला। रास्ते में एक दोस्त की बाइक में लिफ्ट लेकर वह थाने पहुंचा। उसका पीछा करते आरोपी भी हॉकी लेकर थाने के भीतर पहुंच गए। थाने में मौजूद पुलिसकर्मी पहले तो हड़बड़ा गए, फिर एसआई बीपी बाखला ने उन्हें रुकने की चेतावनी दी।
जब आरोपी नहीं माने तो उन्होंने रिवाल्वर निकाल लिया। इस बीच टीआई मुक्ति तिर्की समेत अन्य पुलिसकर्मी पहुंच गए। पुलिसवालों को देखकर आरोपी भागने लगे। उनका पीछा करते हुए पुलिसकर्मी जीडीसी कालेज तक गए। यहां पर एक युवक सुरेश पटेल पुलिस के हत्थे चढ़ा, लेकिन बाकी आरोपी भागने में कामयाब हो गए।
घटना की सूचना मिलने पर एएसपी सिटी गोवर्धन सिंह ठाकुर भी मौके पर पहुंच गए। इधर महेश के अन्य साथी व छात्रनेता भी बड़ी संख्या में थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने के लिए दबाव बनाने लगे। महेश की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 341, 147, 148, 149, 294, 323, 506बी के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
क्या है मामला: एसबीआर कालेज में पटवारी परीक्षा का फार्म बिक रहा है। गुरुवार को महेश भी फार्म लेने खड़ा था। महेश का कहना है कि आरोपी पैसे लेकर काउंटर के अंदर से फार्म बेच रहे थे। इसका महेश व उसके कुछ साथियों ने विरोध किया। इस बात पर महेश का आरोपियों से विवाद हो गया। शाम करीब 5.30 बजे आरोपियों ने महेश की पिटाई भी की थी। इसी रंजिश के चलते आज आरोपियों ने थाने में घुसकर महेश से मारपीट की।
जमानती धाराओं में निपटाया मामला
भाजपाइयों द्वारा थाने में घुसकर युवक से मारपीट करने के मामले को जमानती धाराओं में ही निपटा दिया गया। भाजपाई हाथ में हाकी लेकर मारपीट की नीयत से थाने के अंदर घुसे थे। कानून के जानकारों के मुताबिक उनके खिलाफ धारा 452 के तहत बलात प्रवेश का जुर्म दर्ज करना चाहिए।
इसके अलावा थाने के भीतर हंगामा व मारपीट से लोकसेवक के कार्य में बाधा उत्पन्न हुई, जो धारा 186 के तहत अपराध है। सत्ता पक्ष से होने के कारण पुलिस की ओर से कोई अपराध दर्ज नहीं किया गया। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ नरमी बरतने के लिए भी पुलिस के पास दबाव बनाया गया था।