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जूनियर डाक्टर बेमियादी हड़ताल पर

बिलासपुर. गुरुवार को दोपहर सिम्स में हुई मारपीट व पथराव की वारदात के बाद विद्यार्थियों ने शुक्रवार को गलत बयानबाजी को लेकर अस्पताल बंद करा दिया। इमरजेंसी सेवाएं जारी रही, वहीं शाम को जूनियर डाक्टर्स यूनियन ने एमएस को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान कर दिया।

सिम्स में गुरुवार को एक युवक के मुलाहिजे के दौरान डाक्टर द्वारा रिपोर्ट में ‘अल्कोहलिक’ लिखे जाने पर विवाद हो गया था। इसके बाद करीब सौ-डेढ़ सौ विद्यार्थी मौके पर सूचना पाकर पहुंच गए और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान विवाद करने वाले युवक तो मौका पाकर फरार हो गए, परंतु विद्यार्थियों ने दो बेकसूरों पर अपना गुस्सा उतारा।

मोहल्ले के युवकों की पिटाई से नाराज युवकों ने पहले सिटी कोतवाली में इसकी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन जब पुलिस ने उनकी फरियाद अनसुनी कर दी तब सिम्स पहुंच कर पथराव कर दिया। दोनों तरफ से पथराव के दौरान पहुंची पुलिस ने युवकों को घेरकर पीटना शुरू कर दिया युवकों ने गिरफ्तारी भी दी। इसके बाद सिम्स परिसर में जिला प्रशासन के आदेशानुसार पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

इस वारदात से नाराज जूनियर डाक्टर सुबह समूह में अस्पताल पहुंचे। उन्होंने ओपीडी में बैठेडाक्टरों से आंदोलन के लिए सहयोग मांगा और ओपीडी व सेंपल कलेक्शन सेंटर समेत पूरा अस्पताल बंद करा दिया। इस दौरान केवल आपातकालीन चिकित्सा इमरजेंसी के लिए एक्सरे सीटी स्केन यूनिट खुला रहा। हड़ताल के कारण शुक्रवार को होने वाले आपरेशन भी कैंसल कर दिए गए, जिससे दूर-दराज गांवों से इलाज के लिए आए ग्रामीणों को भटकना पड़ा।

सिम्स के मुख्यद्वार से लेकर आपातकालीन चिकित्सा कक्ष व एमआरडी में पुलिस बल तैनात रहे। इधर शाम पांच बजे सिम्स के जूनियर डाक्टरों ने एमएस डा.आरआर तिवारी को अपनी पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान किया है।

डाक्टरों ने ज्ञापन में सिम्स की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, सिम्स के पीछे अटकी सड़क के निर्माण कार्य को बंद कराने, सिम्स के १क्क् मीटर दूरी पर संचालित दो धर्मशालाओं में होने वाले शादी-ब्याह के धूम धड़ाके से अध्ययन में होने वाली परेशानी के मद्देनजर इन धर्मशालाओं को बंद कर शांत क्षेत्र घोषित करने और डाक्टरों द्वारा अब तक पुलिस में दर्ज कराए गए समस्त मामलों में एफआईआर कराकर कार्रवाई कराने की मांग की है।

स्टूडेंट ने डीन व एमएस को घेरा: सिम्स प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों की गलती ठहराने से नाराज मेडिकल स्टूडेंट ने सुबह डीन व एमएस कार्यालय का घेराव कर दिया। प्रभारी डीन डा.एसके मोहंती ने समझाया कि उनके द्वारा ऐसा बयान नहीं दिया गया था, बल्कि यह कहा गया था कि सिम्स चिकित्सा शिक्षा संस्थान है, इसलिए यहां इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए, जो आम मरीजों के लिए परेशानी का सबब बने।

डेढ़ घंटे तक मेडिकल स्टूडेंट की क्लास लेकर उन्हें समझाइश दी कि उनके पालक ने उन्हें यहां अध्ययन के लिए भेजा है। इस तरह की गतिविधियों से अपने को दूर रखें और अध्ययन पर ध्यान दें। इसके बाद उन्होंने रोज-रोज हो रही इस तरह की वारदातों से नाराज डाक्टरों को भी समझाइश दी कि जिला व पुलिस प्रशासन और शहरवासियों ने शांति समिति की बैठक में सिम्स प्रशासन को हर संभव मदद देने सहमति दी है।

वे अपना बरताव सुधारकर दीन दुखियों की सेवा में लग जाएं। इसके बाद विद्यार्थी एमएस कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एमएस डा. तिवारी से इस बयानबाजी के संबंध में जानकारी चाही। एमएस ने भी उन्हें समझाइश दी कि माहौल को शांत बनाएं, ताकि मरीजों को चिकित्सा सुविधा दी जा सके।

एमएस डा. तिवारी ने बताया कि जूनियर एवं सीनियर रेसीडेट ने शाम को ज्ञापन सौंपकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। कंसल्टेंट डाक्टरों की सेवाएं ली जाएंगी। मरीजों को किसी प्रकार की तकलीफ न हो, इसलिए एमएस कार्यालय २४ घंटे खुला रहेगा। कलेक्टर को स्थिति से अवगत कराते हुए दिशा निर्देश मांगे गए हैं।

निजी अस्पतालों की चांदी: जूनियर डाक्टरों व मेडिकल स्टूडेंट्स द्वारा अस्पताल व कालेज बंद कराने के कारण सिम्स में मरीजों की भीड़ दूसरे दिनों की अपेक्षाकृत कम रही, वहीं इस हड़ताल का फायदा निजी अस्पताल संचालकों को मिला। मरीज या तो केजुअल्टी के डाक्टर से इलाज कराकर चले गए या फिर निजी अस्पतालों की सेवाएं ली।

सिम्स के जेआर एवं एसआर द्वारा बेमियादी हड़ताल का एलान करने की जानकारी नहीं मिली है। कानून सबके लिए एक है चाहे शहरवासी हों या सिम्स के डाक्टर, कार्रवाई की जाएगी। हड़ताल के दौरान शासकीय अस्पतालों के डाक्टरों की डच्यूटी लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
—सुबोध सिंह, कलेक्टर

जूनियर डाक्टरों ने विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। उन्हें समझाइश देकर शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है। शांति समिति की बैठक में कहा गया था कि चिकित्सा शिक्षा संस्थान में इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए, जो सभी वर्गो के लिए अहितकर हो। जिला प्रशासन को सारी स्थिति से अवगत करा दिया गया है। एक-दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
—डा.एसके मोहंती, प्रभारी डीन सिम्स





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