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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरी. बरसात के मौसम में जिले में ठंड लगकर आने वाले बुखार से हालात काफी ख्रराब होते जा रहे हैं। गुजरे एक माह में इस बुखार के कारण 42 से अधिक मौतें हुईं हैं। इनमें से 30 मौतों की पुष्टि तो स्वास्थ्य विभाग ने की है।
मौतों का यह क्रम 25 जुलाई से प्रारंभ हुआ और पहली बार 16 अगस्त को ये मौतें प्रकाश में आईं। बावजूद इसके मौतों का क्रम थमता नजर नहीं आ रहा है। इससे स्वास्थ्य महकमे की नींद उड़ गई है।
बुखार के इस प्रकोप को देखते हुए भोपाल से कीट विज्ञानियों का दल शिवपुरी आया है, उधर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले के बुखार प्रभावित गांवों में दवाएं बांटने और सर्वे करने के लिए चार दलों को इन गांवों में भेजा है। यह पहला ऐसा मौका है, जब जिले में महज एक माह के भीतर रहस्यमय बुखार से 42 मौतों का आंकड़ा सामने आया है।
शिवपुरी अनुविभाग के बम्हारी गांव में एक पुलिसकर्मी समेत 11 की मौत के पीछे स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया को कारण माना है, जबकि शिवपुरी की अयोध्या बस्ती में 12 मौतोंे की स्वीरोक्ति करते हुए महकमे ने यहां मौतों की वजह बुखार को माना है।
इसके अलावा नजदीकी गांव मझेरा, बड़ागांव, लुधावली और करोंदी में क्रमश: छह, तीन, तीन और एक मौत गुजरे एक सप्ताह में होने के मामले प्रकाश में आए हैं। ये मामले तो वे हैं, जिनकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग कर रहा है। इसके अलावा यदि बुखार प्रभावितों की मानें तो महलसराय में 16 मौतें हुईं हैं।
यही नहीं करैरा कस्बे में दो और इस विकासखंड के फूलपुर, हथेड़ा आदि गांवों से भी बुखार के कारण इक्का-दुक्का मौत की खबरें आ रही हैं। हालांकि अभी इनकी पुष्टि होना बाकी है, जबकि बुखार से बीमारों की संख्या तो सैकड़ों में है।
एक माह में कहां, कितने मरे
स्थान मृतक
बम्हारी 11
महलसराय 16
मझेरा 05
बड़ागांव 03
लुधावली 03
करोंदी 01
चार दल गांवों में भेजे
जिले के स्वास्थ्य महकमे ने सतनवाड़ा-सुभाषपुरा क्षेत्र में बुखार के सर्वाधिक रोगी होने की सूचनाओं पर शुक्रवार को चार चिकित्सकों के नेतृत्व में अलग-अलग दल बनाकर इस क्षेत्र के गुनाया, भानगढ़, कलोथरा आदि गांवों में भेजे हैं। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. एचएस शर्मा ने बताया कि इनमें से प्रत्येक दल चार-चार गांवों में जांच कर बुखार पीड़ितों की स्लाइड बनाएंगे और मृत्यु व बीमारों के आंकड़े एकत्रित करेंगे।
हर गांव में बांटी जाएगी क्लोरोक्विन
मच्छरजनित बुखार से प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य महकमे ने क्लोरोक्विन गोलियां बांटने की योजना तैयार की है। बकौल सीएमओएच डा. शर्मा चूंकि इस समय अधिकांश गांवों से बुखार की शिकायतें आ रही हैं, इसलिए विभाग ने यह तय किया है कि प्रत्येक गांव में रोगियों के खून की जांच के लिए स्लाइड तैयार की जाएंगी और प्रथम दृष्टया रोगियों को क्लोरोक्विन टेबलेट खाने के लिए दी जाएंगी।
मौतों के कारण को लेकर एकमत नहीं
जिले में एक के बाद हो रहीं मौतों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ही एकमत नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग इन मौतों को मलेरिया से होने की बात कह रहा है, जबकि मलेरिया अधिकारी का कहना है कि जांच के बाद ही मौतों का कारण सामने आएगा।
जिले के सीएमओएच डा. शर्मा का कहना है कि जिले में अधिक बरसात के कारण कई स्थानों विशेषकर गांवों में बरसात का पानी जमा हो गया है, जिससे मच्छर पनप रहे हैं और ये मच्छर लोगों को काट रहे हैं। इससे मलेरिया हो रहा है और बीमारों व उनके परिजनों द्वारा इसे हल्के से लेने के कारण ये मौतें हो रही हैं।
इधर जिला मलेरिया अधिकारी डा. अल्का त्रिवेदी का कहना है कि मलेरिया जिले में फैला हुआ है, इस बात को नकारा नहीं जा सकता, लेकिन बम्हारी और महलसराय एवं अन्य स्थानों पर जो मौतें हुईं हैं, उनके कारण बगैर जांच के नहीं बताए जा सकते हैं।
इन बयानों के बीच खास यह है कि दो दिन पूर्व ग्वालियर से आए संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं एसके मीणा के दौरे के बाद स्वास्थ्य महकमे ने जनसंपर्क कार्यालय से प्रेस नोट भेजकर इस तथ्य को स्वीकार किया कि बम्हारी गांव में 11 मौतें मलेरिया से हुईं हैं।
अफसर कहते हैं
शिवपुरी के गांव बम्हारी, अयोध्या बस्ती महलसराय, मझेरा और बड़ागांव में 24 मौतों की पुष्टि अब तक हुई है। इनके पीछे प्रथम दृष्टया मलेरिया प्रतीत हो रहा है। बरसात के कारण गांवों जमा हुए मच्छर मौत के वाहक बने हुए हैं। इसलिए अब हर प्रभावित गांवों में दल भेजकर दवाएं बांटने और बुखार पीड़ितों की रक्तपट्काएं बनाने का कार्य शुरू किया गया है।
डा. एचएस शर्मा, सीएमओएच, शिवपुरी