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International International इस्लामाबाद. पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) के नेता नवाज शरीफ ने अपदस्थ जजों की बहाली के लिए समय सीमा बुधवार तक बढ़ा दी है। इसके साथ ही पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के सामने खड़ा हुआ संकट फिलहाल टल गया है।
इसके पहले शरीफ ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि यदि शुक्रवार को जजों की बहाली नहीं हुई तो उनकी पार्टी सरकार से अलग हो जाएगी। शरीफ ने कहा, ‘अगले दो दिन छुट्टी है इसलिए जजों की बहाली का प्रस्ताव सोमवार को संसद में रखना चाहिए। इसके बाद सोमवार व मंगलवार को इस पर चर्चा होनी चाहिए और बुधवार को प्रस्ताव पारित होने के बाद जजों की बहाली हो जानी चाहिए।’
पीपीपी की आशंका : विश्लेषकों का मानना है कि पीपीपी जजों की बहाली पर सहमति देने से हिचक रही है। उसे आशंका है कि जजों की बहाली होते ही पीपीपी के सह अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी और अन्य नेताओं के खिलाफ पुराने मामले फिर खोले जा सकते हैं।
शेयर बाजार पर असर : जजों की बहाली को लेकर उपजे विवाद और मुशर्रफ के इस्तीफे का मुद्रा व शेयर बजार पर बुरा असर पड़ा है। पाक रुपया शुक्रवार को डालर के मुकाबले 76.90 और 77.10 के बीच रहा। वहीं, 2007 तक एशिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले पाक स्टाक एक्सचेंज ने इस साल 29% की गिरावट दर्ज की है।
मुशर्रफ को राहत : लाल मस्जिद मामले में हुई कार्रवाई को लेकर पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ और अन्य अफसरों पर हत्या का मामला चलाए जाने को लेकर दाखिल की गई याचिका को पाकिस्तान की एक अदालत ने खारिज कर दिया है।
राष्ट्रपति चुनाव को हरी झंडी
इस्लामाबाद. पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने शुक्रवार को राष्ट्रपति पद के लिए 6 सितंबर को चुनाव कराने की घोषणा की है। आयोग के सचिव ने बताया कि नामाकंन की प्रक्रिया 26 अगस्त से शुरू होगी।
गौरतलब है कि परवेज मुशर्रफ ने गत सोमवार को महाभियोग प्रस्ताव का सामना करने से बचने के लिए राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति पद के खाली होने के 30 दिनों के भीतर चुनाव कराना पड़ता है।