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बताएं कहां हो रही हैं गड़बड़ियां?

जयपुर. प्रदेश में निजी विश्वविद्यालय खुलने के साथ ही गड़बड़ियां शुरू हो गई हैं। प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यक्रम, फैकल्टी सहित विभिन्न मामलों पर शिकायतें मिलने के बाद राज्यपाल एस.के. सिंह ने शिक्षा विभाग से निजी विश्वविद्यालयों के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

बताया जा रहा है कि इस रिपोर्ट पर राज्य में प्रस्तावित 29 नए निजी विश्वविद्यालयों की मान्यता काफी हद तक निर्भर करेगी। राज्य में फिलहाल 10 निजी विश्वविद्यालय हैं।

ज्यादातर विश्वविद्यालयों में इस बार पहला शिक्षण सत्र चल रहा है। उधर, राज्यपाल के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों के बारे में गहनता से जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि बीते दिनों राज्यपाल को निजी विश्वविद्यालयों के संबंध में बड़ी संख्या में शिकायतें मिली हैं।

फिलहाल शिक्षा विभाग के पास राज्य के विभिन्न भागों से 29 नए निजी विश्वविद्यालयों के संबंध में प्रस्ताव आए हुए हैं। ये विभिन्न चरणों में हैं। नए विश्वविद्यालयों को मान्यता देने से पहले निजी विश्वविद्यालयों की अच्छाइयों और कमियों से भी राज्यपाल पूरी तरह आश्वस्त हो जाना चाहते हैं।

मान्यता मिली नहीं फिर भी हो गए प्रवेश
कुछ निजी विश्वविद्यालयों ने बिना संबंधित एजेंसी की मान्यता के पाठ्यक्रम शुरू कर दिए हैं। हाल ही हुए एमएड, बीएड दाखिले को लेकर भी कुछ शिकायतें राजभवन पहुंची हैं। शिकायतों में कहा गया कि एनसीटीई की मान्यता के संबंध में कुछ विश्वविद्यालय छात्रों को आश्वस्त नहीं कर पा रहे हैं।

इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रवेश दे दिया गया है। इसके अलावा कई व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में मोटी फीस के चक्कर में सीटों की तुलना में कहीं अधिक प्रवेश दिए जाने की शिकायतें भी आई हैं। शिक्षा विभाग यह कहकर पल्ला झाड़ रहा है कि मान्यता आदि के संबंध में जब तक उन्हें लिखित में शिकायत नहीं मिलती वे अपने स्तर पर कोई कदम कैसे उठा सकते हैं?

कुलाधिपति ने निजी विश्वविद्यालयों के संबंध में जानकारी चाही है। विभाग इसकी जानकारियां जुटाकर रिपोर्ट सौंपेगा।
—ओ.पी. गुप्ता, विशेषाधिकारी, उच्च शिक्षा

यह जानकारी मांगी

राज्यपाल ने उच्च शिक्षा विभाग से जो रिपोर्ट मांगी है, उनके प्रमुख बिंदु हैं-
>> प्रवेश प्रकिया में क्या गड़बड़ी हो रही है?
>> व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में सीटों की तुलना में ज्यादा प्रवेश दिए जाने की शिकायत कितनी सही है?
>> कौनसे निजी विश्वविद्यालयों ने बिना संबंधित एजेंसी की मान्यता के पाठ्यक्रम शुरू किए?
>> एमएड, बीएड दाखिले को लेकर निजी विश्वविद्यालयों ने क्या रुख अपना रखा है?





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