News
Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरी. बरसात के सीजन में मलेरिया के प्रकोप से बचने के लिए जिले के बड़े कस्बों में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। कस्बों में न ही इस बार डीडीटी का छिड़काव कराया गया और न ही यहां फोगिंग केमीकल को हवा में छोड़ा गया।
खास बात यह है कि जिला मुख्यालय की नगरपालिका पर दो फोगिंग मशीन हैं, लेकिन समय रहते इनका इस्तेमाल नहीं किया गया और लोग मच्छरों का शिकार होकर मरते रहे।
आमतौर पर मलेरिया उन्मूलन माह के रूप में जिला मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जून माह में डीडीटी का छिड़काव और मच्छरों और लार्वा को नष्ट करने के लिए अभियान चलाया जाता है, लेकिन इस बार इस अभियान की हकीकत जिले में गुजरे एक माह में हुईं 42 मौतों से जगजाहिर हो गई है। विभाग यह दावा कर रहा है कि जून माह में मलेरिया की रोकथाम के प्रयास किए गए।
यदि यह दावा सही है तो क्या मौतें मलेरिया की वजह से नहीं हुई हैं ? इस सवाल का जवाब आला अधिकारियों के पास नहीं है। बहरहाल, यदि मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के लिए उपलब्ध संसाधनों पर गौर किया जाए तो जानकर आश्चर्य होगा कि जिले के करैरा, पिछोर, खनियाधाना, नरवर, पोहरी, कोलारस और बदरवास में फोगिंग केमिकल के छिड़काव के लिए फोगिंग मशीन तक इन कस्बों में नहीं है।
इधर जिला मुख्यालय पर नगरपालिका के संपत्ति स्टाक में दो फोगिंग मशीन हैं, जो वर्षो पूर्व खरीदी गई थीं लेकिन इनका इस्तेमाल इस साल नहीं किया गया। यदि इस्तेमाल किया जाता, तब शायद महल सराय में 16, लुधावली में 3 और करोंदी में मलेरिया से 1 मौत प्रकाश में नहीं आती। अब जबकि बड़ी संख्या में लोग मर चुके हैं, ऐसे में मलेरिया विभाग नींद से जागा है।
दूसरी ओर नगरपालिका का स्वास्थ्य अमला भी जागरुक हुआ है। नगरपालिका के स्वास्थ्य अधिकारी अशोक शर्मा कहते हैं कि हमारे पास दो फोगिंग मशीन हैं और इनके जरिए फोगिंग केमीकल का छिड़काव अगस्त माह के प्रारंभ से किया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी पिछड़ी और आदिवासी बस्तियों में मच्छरों ने मलेरिया को जन्म दे दिया। इसका कोई जवाब उनके पास नहीं है।
फोगिंग मशीन का इस्तेमाल न करना लापरवाही
जिला मलेरिया अधिकारी डा. अल्का त्रिवेदी कहती हैं-शिवपुरी नगरपालिका पर दो फोगिंग मशीन हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल समय रहते शुरू नहीं किया गया। इसके पीछे क्या वजह रही, यह मैं नहीं बता सकती हूं, लेकिन फोगिंग शुरू कराने के लिए पिछले साल से लगातार नगरपालिकाओं से कहा जा रहा है, पर फोगिंग शुरू नहीं हुईं हैं।