जयपुर. राजधानी जयपुर में शापिंग मॉल, अपार्टमेंट, अस्पताल और विश्वविद्यालय भवन बनाने के लिए अब जितना निर्मित क्षेत्र होगा, नक्शे पास करने का उतना ही पैसा लिया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने जयपुर विकास प्राधिकरण (जयपुर रीजन भवन) विनियम 2000 के तहत नियमों में संशोधन किया है।
जयपुर में अब तक भूखंड के आकार के आधार पर नक्शे पास करने का शुल्क लिया जाता था। इससे पहले राज्य सरकार ने दो दिन पहले ही टाउनशिप पॉलिसी स्थगित करके बिल्डरों और प्रॉपर्टी डीलरों को राहत दी थी।
नगरीय विकास विभाग ने आदेश जारी करके यह भी व्यवस्था की है कि यदि नक्शा पास कराने के बाद तय अवधि में निर्माण नहीं हो पाता है तो वह नक्शे का नवीनीकरण भी करवा सकता है। इसके लिए उसे निर्धारित राशि का 10 फीसदी शुल्क ही जमा कराना पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि जयपुर में 500 वर्गमीटर तक के भूखंडों पर नक्शा अनुमोदन के लिए मामूली शुल्क रखा हुआ है। इससे बड़े भूखंडों पर भवन निर्माण के लिए नक्शा अनुमोदित कराना अनिवार्य है। इसके लिए भवन निर्माता से 50 से 75 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से भूखंड के आकार पर शुल्क लिया जाता था। अब यही शुल्क निर्मित क्षेत्र पर ही देना होगा। निर्मित क्षेत्र में भी इसकी गणना वर्गमीटर में ही की जाएगी।
नक्शा पास कराने की होंगी ये दरें : 500 वर्गमीटर से बड़े भूखंडों पर आवासीय निर्माण के लिए 50 रुपए प्रति वर्गमीटर, संस्थानिक निर्माण के लिए 60 रुपए प्रति वर्गमीटर और व्यावसायिक निर्माण के लिए 75 रुपए प्रति वर्गमीटर।