जयपुर. शहर में सीरियल बम ब्लास्ट से पहले साजिद मंसूरी ने तीन लोगों को प्रशिक्षण लेने के लिए पावागढ़ (गुजरात) के जंगलों में भेजा था। वहां से कोटा आए इन तीनों ने कोटा बैराज तथा कोटा में नांता के पास एक दरगाह में अन्य लोगों को आतंकी प्रशिक्षण दिया था।
जयपुर पुलिस के अनुसार बम ब्लास्ट से पहले जयपुर आया साजिद मंसूरी अक्सर जयपुर के यूनानी मेडिकल छात्र तौफीक के साथ घूमता था ताकि किसी को शक नहीं हो।
एसओजी ने प्रतिबंधित सिमी संगठन के सात लोगों को रविवार को गिरफ्तार कर तेरह दिन के रिमांड पर लिया है। उनसे जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट के बारे में पूछताछ की जा रही है। इनके नाम हैं: इमरान उर्फ राजा, मेहदी हसन पुत्र अब्दुल हबीब, नजाकत पुत्र शब्बीर हुसैन, अमन उर्फ अमानुल्ला पुत्र अब्दुल वहाब, डाक्टर यूनुस पुत्र छोटे खां, तौफीक पुत्र इशहाक तथा इशाक पुत्र मोहम्मद अयूब कुरैशी को गिरफ्तार किया है।
एडीजी ने कहा- साजिद ही था सलीम
एडीजी (क्राइम) ए.के. जैन ने बताया कि साजिद उर्फ सलीम उर्फ सज्जाद मंसूरी 2002 में कोटा आया तथा खुद का नाम बदलने (सलीम) के बाद उसने सिमी का कोर ग्रुप बनाया। उसका मुखिया मुनव्वर तथा अतीक उर्फ को सचिव व राजा उर्फ इमरान को कोषाध्यक्ष बनाया।
कोटा में डॉ. इशहाक मंसूरी ने साजिद को मकान उपलब्ध कराया। इशहाक के बेटे तौफीक, जो कि जयपुर से यूनानी मेडिसिन में डिग्री कोर्स कर रहा है, को भी साजिद की ग्रुप गतिविधियों की जानकारी थी और वह उनको सहयोग करता था।
हॉस्टल में अबरार के कमरे में साजिद ही ठहरा था : पुलिस
सलीम उर्फ साजिद का कोटा निवासी डॉ. अबरार के घर आना-जाना था। वह अबरार की बहिन की शादी में भी आया था। एडीजी क्राइम के अनुसार जयपुर में सीरियल बम ब्लास्ट से पहले हॉस्टल में अबरार के कमरे में ठहरा व्यक्ति सलीम उर्फ साजिद मंसूरी ही था।
इशहाक के घर मीटिंग
साजिद कोर ग्रुप के सदस्यों की मीटिंग इशहाक तथा मुनव्वर के घर ही करता था। साजिद ने कोटा के अलावा बारां, बूंदी, सवाई माधोपुर तथा प्रदेश के कई कस्बों में आतंकी गतिविधियों के लिए लोगों को शामिल किया। वर्ष 2006 में साजिद कोटा से परिवार सहित वडोदरा चला गया तथा संगठन की कमान मुनव्वर को सौंप दी। इसके बाद भी वह संगठन के सदस्यों से मिलता रहा तथा आर्थिक सहायता देता रहा।
बशर भी आता था मीटिंग में
साजिद ने कोटा तथा प्रदेश के अन्य स्थानों पर कोर ग्रुप के सदस्यों की मीटिंग आयोजित की थीं। इनमें उत्तर प्रदेश निवासी अबू बशर, केरल निवासी सिबली, महाराष्ट्र निवासी सुभान उर्फ तौकीर, मध्यप्रदेश निवासी आमील परवेज ने भी भाग लिया था।
मीटिंग में मुसलमानों पर अत्याचार के नाम पर बदला लेने, दहशतगर्दी, राष्ट्रविरोधी गतिविधियां करने एवं भारत सरकार व संविधान के प्रति अपमानजनक बातें कहकर इस्लामिक शासन की स्थापना के लिए लोगों को भड़काने की तैयारी की गई।
पावागढ़ कैंप: विध्वसंक गतिविधियों के प्रशिक्षण के लिए कोर ग्रुप के तीन सदस्यों राजा उर्फ इमरान, अतीक उर्फ अतीकउर्रहमान तथा मेहन्दी हसन को पावागढ़ के जंगलों में 12 से 14 जनवरी 2008 तक चले ट्रेनिंग कैंप में भेजा गया। इस कैंप में विभिन्न प्रकार के बम बनाने, रायफल शूंिटंग, जेहाद के लिए विभिन्न हिंसात्मक तरीकों तथा शारीरिक प्रशिक्षण दिया गया। फिर इन तीनों ने इसी प्रकार का प्रशिक्षण नांता के पास दरगाह में तथा कोटा बैराज में भी दिया।
मोबाइल नहीं रखता साजिद: कोटा में सलीम के नाम से ठहरा साजिद अपने पास मोबाइल नहीं रखता था। वह डाक्टर इशहाक के घर के फोन से तथा उसके बेटे तौफीक के मोबाइल को काम में लेता था। डाक्टर इशहाक को साजिद के नाम बदलने के बारे में पता था।