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Bilaspur Bilaspur बिलासपुर.
बढ़ी हुई कीमतों के साथ गैस एजेंसियों ने नया कनेक्शन देना शुरू कर दिया है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम की एजेंसियों में नए कनेक्शन पर सिलेंडर मिलने लगे, वहीं इंडियन आयल का आदेश एक-दो दिन में जारी होने की उम्मीद है।
नया कनेक्शन शुरू करने के साथ ही डबल कनेक्शन वालों पर सख्ती बरती जाएगी। कंपनियों के घाटे को पूरा करने के लिए उपभोक्ताओं की जेब हल्की हो सकती है। उन्हें सिलेंडर के साथ चूल्हा, एप्रान, लाइटर ही नहीं, बल्कि साबुन और अगरबत्ती भी खरीदनी पड़ेगी।
लंबे समय बाद कंपनियों ने गैस सिलेंडर के नए कनेक्शन पर लगी रोक आखिरकार हटा ली, लेकिन इससे उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कनेक्शन लेने के पहले उन्हें कंपनियांे द्वारा तय किए गए मापदंडों पर खरा उतरना पड़ेगी। दस्तावेजी जांच के बाद कंपनी या वितरक के प्रतिनिधि उनके घर जाकर तस्दीक करेंगे और सब-कुछ ठीक रहा तो कनेक्शन दे दिया जाएगा। अब दिक्कत यहीं खत्म नहीं होती। नए सिलेंडर व रेग्युलेटर के डिपाजिट के रूप में 1400 रुपए देने के साथ उपभोक्ताओं को 1400 से 2000 रुपए तक का चूल्हा, 350 रुपए का एप्रान, 150 का लाइटर और 170 का गैस पाइप भी लेना पड़ेगा। रिफिलिंग के 345 रुपए भी देने पड़ेंगे।
इस तरह घर में चूल्हा जलाना है तो उपभोक्ताओं को जेब ढीली करनी पड़ेगी। पूर्व में नए कनेक्शन का डिपाजिट 850 रुपए था, जिसे बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया है। इसी तरह रिफिलिंग चार्ज 310 से बढ़कर 345-350 हो गया है। सिलेंडर के साथ अनिवार्य की गई वस्तुओं के बारे में कंपनियों के अधिकारियों व वितरक एकराय नहीं हैं।
अधिकारी बताते हैं कि चूल्हा आदि लेने के लिए किसी भी उपभोक्ता पर दबाव नहीं डाला जा सकता, वहीं वितरकों का कहना है कि कंपनियों ने ही ये वस्तुएं अनिवार्य की हैं। फिलहाल हिंदुस्तान पेट्रोलियम की एजेंसियों में नए कनेक्शन का सिलेंडर देना शुरू कर दिया गया है। इंडियन आयल व भारत पेट्रोलियम की एजेंसियों में एक-दिनों बाद सिलेंडर मिलने लगेगा। शहर में 10 गैस एजेंसियां हैं, जिनमें से 5 इंडियन आयल, 2 भारत पेट्रोलियम और 3 हिंदुस्तान पेट्रोलियम की हैं।
जिले में इन एजेंसियों के अंतर्गत एक अनुमान के अनुसार करीब एक लाख उपभोक्ता हैं। इनमें से लगभग 52 प्रतिशत इंडियन आयल के और शेष दोनों कंपनियों के हैं। एजेंसियों में नए कनेक्शन के लिए हर रोज यहां 50 से 60 आवेदन पहुंचते हैं, वहीं पिछले महीनों से हजारों की संख्या में आवेदन पेंडिंग में हैं। नियमों में कड़ाई के चलते कनेक्शन देने से पहले उपभोक्ता का एड्रेस प्रूफ, आईडी प्रूफ के साथ एफिडेविड भी लिया जाएगा। कनेक्शन केवल उसी व्यक्ति के नाम पर दिया जाएगा, जो राशन कार्ड के अनुसार घर का मुखिया है। पता बदलने की स्थिति में कार्ड नहीं बनाया जाएगा।
एक से अधिक कनेक्शन पर पाबंदी शुरू
एक से अधिक गैस कनेक्शन रखने पर पाबंदी लगाने की रणनीति पर अमल शुरू कर दिया गया है। ऐसे उपभोक्ता, जिनके पास अलग-अलग कंपनियों के एक से अधिक कनेक्शन हैं, उनसे अतिरिक्त कनेक्शन वापस लिया जा रहा है। कनेक्शन वापस न देने पर उनके घर गैस की सप्लाई रोकने की चेतावनी दी जा रही है।
डीलरों के कंप्यूटर में एक ऐसा साफ्टवेयर इंस्टाल किया गया है, जो कामन नाम और कामन एड्रेस की जांच कर एक से अधिक कनेक्शन रखने वालों को ढूंढ निकालेगा। तीनों कंपनियों द्वारा साझे तौर पर बनाई गई इस योजना के तहत पहले तो उस घर के सभी कनेक्शनों की सप्लाई रोक दी जाएगी, फिर कोई एक कनेक्शन रखने पर ही सिलेंडर दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार शुरुआती दौर में ही शहर में ऐसे सैकड़ों कनेक्शन अब तक निरस्त किए जा चुके हैं।
नए कनेक्शन देने से रोक हटा दी गई है। सिलेंडर के लिए चूल्हा या अन्य सामान लेना जरूरी नहीं है। सुरक्षा के मद्देनजर बेहतर गैस ट्यूब व एप्रान लेने की सलाह उपभोक्ताओं को जरूर दी जाती है।
—टीके सिंह, एरिया मैनेजर इंडियन आयल, रायपुर
गैस के साथ साबुन, अगरबत्ती
पेट्रोल की तरह गैस की बिक्री घटाने और अन्य वस्तुओं की बिक्री बढ़ाने के सिद्धांत पर चलते हुए डीलरों पर सख्ती बरती जा रही है। कच्चे तेल की महंगाई और केंद्र की बढ़ती सब्सिडी से परेशान कंपनियां घाटे से उबरने के लिए नए नुस्खे आजमा रहीं हैं। इसी के तहत एक कंपनी ने अपनी एजेंसियों में मैसूर चंदन का साबुन और अगरबत्ती लांच की है। कंपनी द्वारा वितरकों के गोदामों में दोनों वस्तुओं का स्टाक बड़े पैमाने पर कर दिया गया है। वितरक इसे बेचकर कंपनियों को मुनाफा देंगे।
गैस के लिए नंबर अब इंटरनेट से
व्यस्त समय में फोन पर गैस का नंबर लगाने की परेशानी या गैस एजेंसी के आफिस का चक्कर लगाने के झंझट से उपभोक्ताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब गैस कंपनियों की ओर से नई व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे उपभोक्ता अपने गैस की बुकिंग इंटरनेट के माध्यम से कर पाएंगे। राजधानी में फिलहाल हिंदुस्तान पेट्रोलियम की ओर से इसकी शुरुआत की जा चुकी है।
व्यस्त समय में गैस का नंबर लगाने या गैस एजेंसी के आफिस जाना भी उन लोगों को भारी पड़ता है जिनके लिए समय ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। बदलते समय के अनुरूप गैस कंपनियों की ओर से भी इसमें बदलाव लाया जा रहा है जिससे इंटरनेट के माध्यम से उपभोक्ता अपने गैस का नंबर की बुकिंग कर सकते है तथा उनका वेटिंग कितने में है इसका पता भी लगा सकते हैं।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सेल्स आफिसर सेनगुप्ता इस संबंध में बताते हैं कि वर्तमान व्यवस्था प्रक्रिया में है और फिलहाल इस प्रक्रिया की शुरुआत राजधानी में एक गैस एजेंसी में अभी हाल ही में प्रारंभ की गई है। स्टेप बाय स्टेप व्यवस्था को लागू किया जाएगा। वहीं भारत पेट्रोलियम के सेल्स आफिसर श्री पंकज बताते हैं कि उन्हें उक्त व्यवस्था के संबंध में जानकारी है लेकिन फिलहाल इस संबंध में कोई सकरुलर उनके पास नहीं आया है।
कंपनियां तकनीकी समस्याओं से निपटने तैयार- अधिकारी बताते हैं कि उक्त व्यवस्था को लागू किए जाने के लिए उन्हें कई तरह की तकनीकी समस्यांओं से दो चार होना पड़ेगा क्योंकि कई स्थानों पर ब्राडबैंड की तकलीफ से जूझना पड़ेगा तो गैस एजेंसियों को इस व्यवस्था में पटरी पर लाने के लिए भी जद्दोजहद करनी होगी क्योंकि इंटरनेट के माध्यम से उपभोक्ताओं को यदि वेटिंग या बुकिंग की सहुलियतें दी जाएंगी तब प्रत्येक दिन इंटरनेट में वेबसाइट अपडेट किया जाना वाला कार्य चुनौती पूर्ण होगा।