कोलकाता. पश्चिम बंगाल सरकार ने किसानों को टाटा मोटर्स द्वारा अधिग्रहीत 400 एकड़ जमीन लौटाने से साफ इंकार कर दिया है। सरकार का कहना है कि जमीन लौटाना कानून संभव नहीं है तथा ऐसा करने से विश्व की सबसे सस्ती कार नैनो बनाने की परियोजना राज्य से बाहर जा सकती है।
पीड़ितों को पैकेज :
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने मंगलवार को कहा कि टाटा मोटर्स द्वारा किए गए अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को सरकार पैकेज देने के लिए तैयार है।
सिंगुर से लांचिंग :
भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार को अभी भी पूरी उम्मीद है कि नैनो अक्टूबर में सिंगुर संयंत्र से ही लांच होगी।
स्थिति सुधारने का प्रयास :
उन्होंने सिंगुर में हुए उग्र आंदोलन को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार स्थिति में सुधार चाहती है। उन्होंने बताया कि वे लगातार विपक्षी दलों के नेताओं के संपर्क में बने हुए हैं।
नहीं बनी बात :
राज्य सरकार व तृणमूल नेतृत्व के बीच इस मुद्दे पर पहले चरण की बातचीत में आंदोलन वापस लेने पर किसी प्रकार की सहमति नहीं बन पाई है।
सिंगुर में घेराव जारी :
प्रमुख विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी नैनो निर्माण से जुड़ी सहयोगी इकाइयों को किसानों की जमीन से बाहर स्थापित करने की मांग कर रही हैं। उनके नेतृत्व में सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता और किसान २४ तारीख से नैनो संयंत्र का घेराव किए हुए हैं।
निवेश को धक्का :
‘बंगाल सरकार उद्योगों को राज्य की ओर आकर्षित करना चाहती है तो उसे इस गतिरोध का हल खोजना होगा। मौजूदा परिदृश्य में बंगाल का माहौल उद्योगों की दृष्टि से जटिल है।’-केवी कामथ, अध्यक्ष, सीआईआई
हमारे साथ धोखा हुआ है
‘सरकार द्वारा किसानों की जमीन लौटाने से इंकार हमारे साथ धोखा है। इसके विरोध में शुक्रवार को पूरे राज्य में दो घंटे तक चक्का जाम रखा जाएगा।’
-ममता बनर्जी, सुप्रीमो, तृणमूल कांग्रेस
हमें फर्क नहीं पड़ता
‘सिंगुर आंदोलन से हम पर कोई फर्क नहीं पड़ता। हम अपने संयंत्र के लिए ४,८क्क् एकड़ जमीन अधिग्रहीत भी कर चुके हैं।’-सज्जन जिंदल, एमडी, जेएसडब्ल्यू स्टील (बंगाल में स्टील संयंत्र लगाने की योजना पर)
ग्रीनपीस कार्यकर्ताओं को विरोध जताने की अनुमति :
बांबे हाई कोर्ट ने गैर सरकारी संगठन ग्रीनपीस को टाटा स्टील की वार्षिक आम सभा (एजीएम) के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दे दी है। कंपनी की एजीएम २८ अगस्त को होनी है। संगठन उड़ीसा तट पर टाटा व एलएंडटी के संयुक्त उद्यम का विरोध कर रहा है।
राजनीति झगड़े का शिकार टाटा
‘टाटा मोटर्स दो राजनीतिक दलों के आपसी झगड़े का शिकार बन रही है। केंद्र इस विवाद के हल में मददगार की भूमिका निभा सकता है।’-कमलनाथ, वाणिज्य व उद्योग मंत्री