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भुवनेश्वर.
विश्व हिंदू परिषद नेता की हत्या के बाद प्रतिशोध की आग में झुलसते उड़ीसा में ताजा हिंसा में सात लोगों की मौत हो गई है। इनमें चार लोग पुलिस फायरिंग में मारे गए हैं, जबकि दो लोग घायल हुए हैं।
स्थिति बिगड़ती देख पूरे कंधमाल जिले में कफ्यरू लगाने के साथ ही भारी तादाद में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। डीजीपी गोपालचंद्र नंदा ने बताया कंधमाल जिले के बाराखमा में मकानों, दुकानों व प्रार्थना स्थलों पर हमला कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस फायरिंग में कम से कम चार लोग मारे गए और दो अन्य घायल हो गए। अपुष्ट खबरों में पुलिस फायरिंग में मारे गए लोगों की संख्या छह बताई गई है।
आगजनी में तीन की मौत : इसके पूर्व डिवीजनल कमिश्नर (दक्षिणी डिवीजन) सत्यव्रत साहू ने बताया कि पूरे कंधमाल जिले में निषेधाज्ञा व बेमियादी कर्फ्यू लगा दिया गया है।
साहू के मुताबिक विहिप के 12 घंटों के राज्यव्यापी बंद के दौरान रैकिया इलाके में सोमवार शाम तीन और लोगों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक घरों में आग लगाए जाने के कारण तीनों की दम घुटने से मौत हुई।
बढ़ सकता है तनाव : विहिप ने बुधवार को स्वामी लक्ष्मणानंद का अस्थि कलश राज्यभर में घुमाने का फैसला किया है। इस दौरान तनाव बढ़ने की आशंका है।
‘धर्म परिवर्तन में चर्च की भूमिका की जांच के लिए विशेष आयोग गठित होना चाहिए। साथ ही स्वामी लक्ष्मणानंद व उनके चार अनुयायियों की हत्या में शामिल लोगों पर स्पेशल कोर्ट में अभियोग चलाया जाए।’
प्रवीण तोगड़िया, अंतरराष्ट्रीय महासचिव, विहिप (भुवनेश्वर में)
‘ईसाई धर्म गुरुओं और चर्च द्वारा संचालित संस्थानों पर हो रहे हमले संघ परिवार के बहुत बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है।’
- एचडी देवेगौड़ा, अध्यक्ष, जद (एस) (दिल्ली में)
‘राज्य में कानून-व्यवस्था कूड़ेदान में डाल दी गई है। सरकार बर्बरता को बढ़ावा दे रही है।’
- जयदेव जेना, विधायक एवं अध्यक्ष उड़ीसा प्रदेश कांग्रेस कमेटी
‘संघ परिवार द्वारा इस घटना को अल्पसंख्यक समुदाय पर हमलों के अपने हिंसात्मक एजेंडे को आगे बढ़ाने के अवसर के तौर पर देखना बहुत ही दुखद है।’
- माकपा पोलित ब्यूरो (नई दिल्ली में)
अल्पसंख्यक आयोग ने रिपोर्ट मांगी
नई दिल्ली. उड़ीसा में ईसाइयों पर हो रहे हमलों पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने चिंता जताई है। आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद शफी कुरैशी ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम पर आयोग ने राज्य सरकार से मंगलवार शाम तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
शुक्रवार को बंद रहेंगे कैथोलिक स्कूल
नई दिल्ली. उड़ीसा में ईसाइयों पर हो रहे कथित अत्याचार के विरोध में शुक्रवार को देशभर के कैथोलिक शिक्षण संस्थान बंद रखे जाएंगे। कैथोलिक बिशप कांफ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) ने यह घोषणा करते हुए कहा कि ईसाइयों पर हो रहे हमलों के विरोध में शुक्रवार को देशभर में कैथोलिक समुदाय के लोग शांतिपूर्ण रैली निकालेंगे।
सीबीसीआई के अध्यक्ष कार्डिनल वार्की विथायाथिल ने कहा, ‘हम लोगों से अपील करते हैं कि वे देश में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए 7 सितंबर को रविवार के दिन प्रार्थना करें और उपवास रखें।’
वेटिकन ने की हिंसक घटनाओं की निंदा
वेटिकन. रोमन कैथोलिक ईसाइयों के मुख्यालय वेटिकन ने भी उड़ीसा में ईसाइयों के खिलाफ हो रही हिंसा की निंदा की है। मंगलवार को वेटिकन से जारी बयान में कहा गया, ‘यह कार्रवाई लोगों की आजादी, सम्मान और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के खिलाफ है।’