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मौत पर क्यों रहे मौन

भोपाल. ग्रामीणों का स्वास्थ्य सुधारने के नाम पर स्वास्थ्य विभाग और नेशनल रुरल मिशन के अधिकारी खजुराहो में नाच देख रहे थे और घूम फिर रहे थे, उस समय शिवपुरी में मलेरिया से लगातार बच्चे मर रहे थे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक एक से 20 अगस्त तक एक ही गांव बम्हारी में 5 बच्चों की मौत हो गई।

मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसको लेकर विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। डीबी स्टार ने 23 अगस्त के अंक में एनआरएचएम में हो रहे फंड के दुरुपयोग और प्रदेश के स्वास्थ्य की गिरती स्थिति का खुलासा किया था।

दूसरे ही दिन विभाग की लापरवाही उस वक्त सामने आ गई जब शिवपुरी में अगस्त महीने में पांच बच्चों की मौत की खबर सरकार तक पहुंची। इससे पहले भी अयोध्या नगर, मझारीताल, बड़ागांव, निधावती आदि क्षेत्रों में 24 बच्चों की मौत हो चुकी थी लेकिन उसको लेकर विभाग में हलचल भी नहीं मची। यहां तक कि इस बात की जांच भी नहीं करवाई गई कि मौत किस कारण से हुई है। ग्रामीणों का कहना है यह मौतें मलेरिया से ही हुई हैं।

स्वास्थ्य विभाग कटघरे में
एनआरएचएम के तहत नेशनल वैक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम सेल ने शिवपुरी में हुई अस्वाभाविक बारिश के बाद सावधानियां क्यों नहीं बरतीं? जब जुलाई में 24 मौतें हुईं तो एनआरएचएम के अधिकारी क्या कर रहे थे? इतनी मौतों के बाद भी जांच क्यों नहीं हुई?

क्या इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कोई जवाबदारी नहीं थी? उनके खिलाफ शासन ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?

अफसरों का कहना है बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित थे। ऐसा है तो महिला एवं बाल विकास विभाग क्या कर रहा है?

एनआरएचएम ने क्यों वहां बीमारी के प्रति जागरुक नहीं किया, वैक्टर बॉर्न डिजीज प्रोग्राम के बावजूद बच्चों की मौत कैसे हुई?

एक से 20 अगस्त के बीच बम्हारी गांव में पांच बच्चों की फेल्सीपेरम मलेरिया से मौत हुई। ये सभी बच्चे गंभीर रूप से कुपोषण के शिकार थे। इसके अलावा इस बार इस इलाके में एक महीने में ही चार महीने के बराबर बारिश हो गई और उसके बाद तालाबों में ठहरे हुए पानी में मच्छर पनप गए।

इसके कारण इस क्षेत्र में मलेरिया फैल गया। जहां तक जुलाई महीने में हुई मौत का मामला है, तो उस समय 24 बच्चों की मौत हुई थी लेकिन इसकी क्लिनिकल जांच नहीं हुई। इसलिए मैं यह नहीं बता पाऊंगी कि मौत किस कारण से हुई है।
-डॉ.अलका त्रिवेदी जिला मलेरिया अधिकारी, शिवपुरी

ग्यारह गावों तक पहुंचना मुश्किल

शिवपुरी में बच्चों की मौत कैसे हुई?
शिवपुरी में 11 गांवों तक पहुंचना मुश्किल है। वहीं पर फेल्सीपेरम मलेरिया और बुखार से बच्चों की मौतें हुई है।
यहां बीमारी के प्रति जागरुक करने और व्यवस्था का काम किसका था?
केंद्र ने तो एनआरएचएम को नियुक्त किया है। यह स्वास्थ्य विभाग से अलग नहीं है।
फिर इन गांवों तक एनआरएचएम और स्वास्थ्य विभाग की टीम क्यों नहीं पहुंच पाई?
वहां तक सड़क-बिजली नहीं है।
अब सरकार क्या कर रही है?
हमने 25 अधिकारियों की टीम बनाकर अलग-अलग ब्लॉक में भेजा है। घर-घर जाकर दवा पिला रहे हैं। केंद्र सरकार ने भी टीम भेज दी है।
-डॉ. अशोक शर्मा, डायरेक्टर, पब्लिक हेल्थ





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