सूरत.गुजरात पुलिस ने एक सनसनीखेज खुलासे में दावा किया है कि आतंकियों की योजना अहमदाबाद और सूरत में एक साथ बम धमाकों की थी। दोनों ही शहरों में 24 व 25 जुलाई की रात बम रखे गए थे, लेकिन तकनीकी खामी के कारण सूरत में बम नहीं फट सके। गुजरात पुलिस ने बुधवार को यहां आयोजित प्रेस वार्ता में यह खुलासा किया। गुजरात के डीजीपी पीसी पांडे ने बताया कि सूरत में रखे गए बमों के पीछे अहमदाबाद धमाके के मास्टर माइंड अबू बशीर का ही हाथ था।
पुख्ता सबूत : पांडे ने कहा कि इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि अहमदाबाद और सूरत की घटनाओं के बीच आपसी संबंध है।
उन्होंने बताया कि दोनों ही शहरों में बम रखने के मुख्य षड्यंत्रकारी अबू बशीर, सफदर नागौरी और साजिद हैं।
दो और गिरफ्तार :
डीजीपी ने बताया कि बशीर ने अपने छह अन्य स्थानीय साथियों की मदद से सूरत में बम रखे थे। इनमें से तनवीर पठान और जहीर पटेल को सूरत पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि अबू बशीर, तनवीर, शम्सुद्दीन, जहीर पटेल का देश के अन्य राज्यों में हुए विस्फोटों से भी संबंध है।
इसलिए नहीं फटे सूरत के बम
राज्य की फोरेंसिक प्रयोगशाला के निदेशक जेएम व्यास के मुताबिक, सूरत में रखे गए बमों के साथ नौ वोल्ट की बैटरी जोड़ी गई थी। व्यास ने बताया कि इन बमों में लगाए गए पीसीबी सर्किट को काम करने के लिए जरूरी आवृत्ति में 0.5 हट्र्ज की कमी रह गई, जिसकी वजह से बम नहीं फट सके।