मुंबई. बांबे हाईकोर्ट ने दुकानों व व्यावसायिक संस्थानों को मराठी साइनबोर्ड लगाने के लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) द्वारा दी गई धमकी को लेकर महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने गृह मंत्रालय से महानगर में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए विस्तृत बयान देने को भी कहा है।
जस्टिस जेएन पटेल और केके तातेड़ की बेंच ने गुरुवार को खेरची व्यापारी कल्याण महासंघ के सचिव वीरेंद्र शाह की याचिका पर ये निर्देश दिए। जजों ने सरकार को एमएनएस कार्यकर्ताओं से निपटने में नाकामी के लिए फटकार भी लगाई। याचिका में एमएनएस नेता राज ठाकरे के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका के मुताबिक ठाकरे ने दुकानदारों को मराठी साइन बोर्ड लगाने और ऐसा न करने पर एमएनएस कार्यकर्ताओं द्वारा सबक सिखाने की धमकी दी है।
हालांकि, मुंबई में नब्बे फीसदी से अधिक दुकानदारों ने ठाकरे की चेतावनी और नगर निगम के आदेश पर अपनी दुकानों पर मराठी साइनबोर्ड लगा लिए हैं।
क्या है मामला : राज ठाकरे ने पिछले महीने कहा था कि मुंबई के साथ ही महाराष्ट्र के सभी दुकानों के नाम मराठी में लिखे जाने चाहिए। इसके बाद मुंबई नगर निगम ने 28 अगस्त तक की मोहलत देते हुए इस फरमान पर अपनी मुहर लगा दी थी। इतना ही नहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने भी नगर निगम को आदेश का सख्ती से पालन करने को कहा था। इसके अनुसार, जो दुकानदार मराठी में नाम नहीं लिखेगा उसे न्यूनतम एक हजार और अधिकतम पांच हजार रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।