खेल डेस्क.
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उपकप्तान युवराज सिंह के बीच की तकरार एक बार फिर सतह पर आ गई है। बताया जाता है कि श्रीलंका के विरुद्ध तीसरे वनडे मैच के दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस हुई थी।
इसके बाद से दोनों खिलाड़ियों को आपस में बहुत कम बातचीत करते हुए देखा जा रहा है। हालांकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव निरंजन शाह ने धोनी और युवराज के बीच दरार की खबरों को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि मैदान के भीतर खिलाड़ियों में बहस मामूली बात है।
धोनी ने युवराज को डांटा : मंगलवार को चौथे वनडे मैच के दौरान भी युवी की गेंद पर जब धोनी ने कैच छोड़ा तब गुस्साए युवी ने जमीन पर पैर पटकने की मुद्रा में अपने गुस्से का इजहार किया था। युवी को चौथे वनडे में दो विकेट मिले लेकिन धोनी ने गर्मजोशी के साथ उनकी वाहवाही नहीं की। शायद वे युवी के रवैये से बेहद दुखी हैं।
एक टीवी चैनल के अनुसार भारतीय कप्तान धोनी और युवराज के बीच रविवार को मैच के दौरान झगड़ा हुआ। यह झगड़ा तब हुआ, जब युवराज ने महेला जयवर्धने का कैच छोड़ा। कैच छूटने पर कप्तान धोनी झल्ला उठे और उन्होंने युवराज को वहीं पर डांट दिया। भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने धोनी को शांत कराया।
युवराज कप्तान धोनी के रन आउट की कमजोर अपील पर भी नाराज थे। टीवी रिप्ले में इस थ्रो पर बल्लेबाज आउट दिख रहा था, जबकि मैदानी अंपायर ने इस पर तीसरे अंपायर की मदद भी नहीं ली थी। खबरों के अनुसार उसके बाद से दोनों खिलाड़ियों में बातचीत न के बराबर हो रही है। सोमवार को युवराज सिंह न सिर्फ धोनी से दूर रहे, बल्कि वे टीम के अन्य खिलाड़ियों से भी कटे रहे।
पहले भी रहा है मनमुटाव : इससे पहले इसी वर्ष बांग्लादेश में हुई त्रिकोणीय सीरीज के दौरान भी दोनों खिलाड़ियों में मनमुटाव देखा गया था। इस सीरीज के फाइनल के रिजर्व डे पर युवराज यूरो कप फुटबॉल के एक मैच में मैन ऑफ द मैच का खिताब देने को राजी हो गए थे। पहले यह प्रस्ताव धोनी को मिला था, जिसे उन्होंने नकार दिया था।
फील्डिंग पोजीशन रास नहीं आई : झगड़े की जड़ युवराज सिंह की फील्डिंग पोजीशन को बताया जा रहा है। पिछले कई वर्र्षो से प्वाइंट पर फील्डिंग करने वाले युवराज से धोनी इस सीरीज में कवर पर फील्डिंग करा रहे हैं, जो शायद उन्हें रास नहीं आ रही है।
कप्तानी की टीस : जब राहुल द्रविड़ ने टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ी, उस समय युवराज कप्तान बनने के प्रबलतम दावेदार थे, लेकिन चयनकर्ताओं ने धोनी को कप्तान बना दिया। कप्तान न बन पाने का यह दर्द युवराज कई बार बयां कर चुके हैं।