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महंगाई एक्सप्रेस की धीमी पड़ी रफ्तार

नई दिल्ली. सब्जियां, मांस व सीमेंट के अलावा कुछ खनिज पदार्थ र्व ईधन सस्ते होने से 16 अगस्त को समाप्त सप्ताह में मुद्रास्फीति पिछले सप्ताह की तुलना में 0.23 घट कर 12.40 फीसदी रह गई है। इससे पिछले सप्ताह यह 12.63 फीसदी थी, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि के दौरान यह महज 3.99 फीसदी दर्ज की गई थी।

दिसंबर में शिखर पर होंगी कीमतें : अर्थशास्त्रियों के अनुसार विनिर्माण क्षेत्र के अलावा खाद्य व खनिज पदार्र्थो पर दबाव के चलते दिसंबर में मुद्रास्फीति शिखर पर होगी। पिछली बार कब घटी ? इससे पहले 12 जुलाई को समाप्त सप्ताह में मुद्रास्फीति की दर 11.91 फीसदी से घट कर 11.89 फीसदी दर्ज की गई थी।

संशोधन में बढ़ी महंगाई : 21 जून के संशोधित आंकड़ों में मुद्रास्फीति की दर 11.91 फीसदी निकली है, जबकि इससे पहले यह 11.89 दर्ज की गई थी।

प्राइमरी समूह में 21 उत्पाद सस्ते : वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार प्राइमरी समूह के कुल 98 उत्पादों में 21 की कीमतें नीचे आई हैं, जबकि 48अन्य उत्पाद स्थिर रहे हैं।

क्या कहते हैं जानकार

नरमी के शुरुआती संकेत
‘मुद्रास्फीति में गिरावट कीमतों में नरमी के शुरुआती संकेत हैं।’
-वित्त मंत्रालय

मानसून में देरी व बाधित आपूर्ति के चलते प्याज जैसी जिंसों की कीमतें बढ़ने केआसार हैं। ऐसे में कुछ भी कहना संभव नहीं।
-रूपा रेगे नितसुरे, अर्थशास्त्री, बैंक आफ बड़ौदा

‘इस सकारात्मक आश्चर्य के बावजूद विनिर्माण व प्राइमरी क्षेत्रों पर दबाव बना रहेगा। दिसंबर अंत तक मुद्रास्फीति 13.5 फीसदी तक पहुंचने की संभावना है।’
-इंद्रनिल पान, मुख्य अर्थशास्त्री, कोटक महिंद्रा बैंक

‘लग रहा है रिजर्व बैंक के मौद्रिक उपायों का असर सामने आने लगा है।’
-सोनल वर्मा, अर्थशास्त्री, लेहमैन ब्रदर्स





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