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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.
हरियाणा प्रशासनिक सुधार आयोग ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कुछ ऐसी सिफारिशें की हैं जिनके लागू होने पर लोगों की रोजमर्रा की परेशानियां काफी हद तक दूर हो सकती हैं।
इनमें कलेक्टर व एसपी के लिए अपने दिनभर के कामों का ब्यौरा आफिस के बाहर सार्वजनिक तौर पर लगाने की सिफारिश भी की गई है। आयोग जल्द ही अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सौंपने वाला है।
झूठी शिकायत पर जुर्माना : आयोग ने जिला कष्ट निवारण कमेटियों को भंग कर जिला स्तरीय आयोग बनाए जाने की वकालत की है। आयोग डयूटी में कोताही करने वाले अफसरों पर जुर्माना ठोंक सकेगा जिसकी वसूली उनके वेतन से होगी। अधिकारी की झूठी शिकायत करने पर शिकायतकर्ता पर भी जुर्माना किया जाएगा।
हम व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनाना चाहते हैं। जनता को भरोसा हो कि जायज काम बिना सिफारिश के होगा और जो काम गैरकानूनी है वह किसी वीआईपी की सिफारिश के बाद भी नहीं होगा।
—करन दलाल, अध्यक्ष, हरियाणा, प्रशासनिक सुधार आयोग
ये हैं मुख्य सिफारिशें
>> क्षेत्र में तैनात आला अफसरों को दिन भर का टाइम टेबल कार्यालय के बाहर लगाना होगा।
>> अफसरों को अपनी बैठकों व जनता से मिलने का दिन तय करना होगा।
>> जन समस्याओं को बारीकी से समझने के लिए रात को गांवों में रुकने की व्यवस्था करना।
>> सभी जिलों में एक जैसे रैंक के आईएएस अधिकारियों की तैनाती नहीं की जाए।