भोपाल. निजी तकनीकी कॉलेजों द्वारा मनमाने तरीके से वसूले जा रहे फीस के एरियर के विवाद का हल राज्य सरकार की प्रवेश एवं फीस विनियामक कमेटी ने निकाल लिया है। अब पिछले साल ली गई अंतरिम फीस और इस बार तय की गई अंतिम फीस के अंतर का एरियर फीस कमेटी ही तय करेगी।
निजी कालेजों द्वारा एरियर वसूल करने में गड़बड़ी शिकायतों को लेकर दो दिन से तकनीकी छात्र आंदोलन कर रहे थे। फीस कमेटी ने इस बारे में सभी कालेजों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
तकनीकी छात्रों को धोखाधड़ी से बचाने फीस कमेटी ने निजी कालेजों पर एक और लगाम कस दी है। छात्रों द्वारा पिछले दो दिनों से कक्षाओं का बहिष्कार करने और विरोध प्रदर्शन को फीस कमेटी व राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने गंभीरता से लिया है। राजीव गांधी विवि के कार्यकारी कुलपति पीयूष त्रिवेदी और फीस कमेटी अध्यक्ष पीएल चतुर्वेदी ने चर्चा के बाद इसका रास्ता निकाल लिया।
गुरुवार को सभी तकनीकी कालेजों पर छात्रों से किसी भी प्रकार का एरियर लेने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अब सभी कालेज पिछले सत्र 07-08 में ट्यूशन फीस सहित विभिन्न मदों में ली गई सभी तरह की फीस का पूरा ब्यौरा 15 सितंबर तक शपथ पत्र पर फीस समिति को देंगे।
कालेज द्वारा दिए गए ब्यौरे के अनुसार ली गई राशि और तय की गई अंतिम फीस में कोई अंतर होने पर एरियर का निर्धारण फीस समिति ही करेगी। समिति द्वारा एरियर की जानकारी कालेज को दी जाएगी, तब कालेज सिर्फ उतनी ही राशि छात्र से वसूल सकेगा।
समिति ने यह भी साफ कर दिया है कि एरियर तय न होने तक छात्र से पिछले साल ली गई अंतरिम फीस ही ली जाए। सत्र 07-08 के लिए तय की गई अंतिम फीस अभी जमा करने के लिए दबाव नहीं बनाया जा सकेगा।
आरजीपीवी ने दिए निर्देश
कुलपति ने सभी कालेजों को सख्त निर्देश दिए हैं कि एरियर तय होने और फीस जमा होने तक किसी भी छात्र को परीक्षा आवेदन भरने से रोका नहंीं जा सकेगा। इसके साथ ही कमेटी द्वारा तय करने के पहले एरियर के लिए दबाव बनाने की शिकायत कालेजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।