भोपाल. राज्य सरकार के कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का नकद लाभ एक सितंबर 2008 से मिलना तो लगभग तय है, लेकिन एरियर के भुगतान को लेकर धुंध अभी छंटी नहीं है।
सरकार छठवें वेतनमान और एरियर भुगतान से पड़ने वाले वित्तीय भार का आकलन कर एरियर भुगतान का फामरूला तय करने की कवायद में जुटी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के बाद कर्मचारियों की नजर अब केंद्र के आदेश पर टिकी हुई है, क्योंकि उसी के आधार पर वेतन की गणना होना है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनाव से पहले कर्मचारियों को खुश करने के लिए बुधवार को होशंगाबाद और खंडवा जिले में आयोजित कार्यक्रमों में छठवा वेतनमान लागू करने की घोषणा की थी।
सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के करीब पौने पांच लाख कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ देने पर लगभग ढाई हजार करोड का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। सूत्रों के अनुसार राज्य में आयोग की सिफारिशें जस की तस लागू करना संभव नहीं है, क्योंकि केंद्र और राज्य के पदनाम और वेतनमान की अलग-अलग संरचना है।
केंद्र के आदेश का इंतजार : प्रदेश के दो दर्जन कर्मचारी संगठनों ने 30 अगस्त से प्रस्तावित अपनी हड़ताल स्थगित कर दी। मंत्रालय कर्मचारी नेता आनंद भट्ट ने बताया कि जब सरकार छठवां वेतनमान लागू करने को तैयार है तो आंदोलन की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि अब तक केंद्र का आदेश जारी नहीं हुआ है। हम उसी का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी तरफ, गुरुवार को जारी एक बयान में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की सीएम की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा राज्य सरकार ने शासकीय सेवकों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय दिया है।
‘छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने से कितना भार आएगा, इसका परीक्षण किया जा रहा है।’
- राघवजी, वित्तमंत्री
संभावित बढ़ोतरी एक नजर में
पद --- प्रदेश में वर्तमान स्केल - केंद्र में नया स्केल -- प्रदेश में लागू होता है तो इतनी बढ़ोतरी होगी
क्लर्क ------ 3050-4950 ------ 4860-20200 ----- 1810-15250
अधीक्षक ---- 5500-9000 ------- 8700-34800 ------ 3200-25800
शिक्षक ----- 5000-8000 ------- 8700-34800 ------ 3200-25800
स्टेनोग्राफर -- 4500-7000 -------- 4860-20200 ------ 360-13200
एरियर को लेकर मशक्कत
केंद्र सरकार ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक पुनरीक्षित वेतनमान एक जनवरी 06 से देने की घोषणा की है। एरियर का भुगतान दो किस्तों में करने का निर्णय लिया है।
40 फीसदी एरियर की पहली किस्त इसी साल और बाकी 60 प्रतिशत अगले दो वित्तीय वर्र्षो में दी जाएगी। इसी फामरूले के तहत राज्य सरकार एरियर भुगतान की कवायद कर रही है। उसकी मंशा भी दो-तीन किस्तों में बकाए का भुगतान करने की है। एरियर से ही करीब दो हजार करोड़ अतिरिक्त भार आएगा।