जयपुर. सफदर नागौरी की 26 मार्च को मप्र में गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद उससे पूछताछ के लिए जयपुर से एसपी (एसओजी) देवेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक टीम भेजी गई थी। सिंह ने बताया कि उन्होंने क्या पूछताछ की, इस संबंध में रिपोर्ट उच्चधिकारियों को दे दी है। मैं कुछ बताने के लिए अधिकृत नहीं हूं।
टीम ने वहां क्या पूछताछ की, इस बारे में पुलिस अधिकारी ‘जांच का मामला’ होने के नाम पर कुछ भी बताने को तैयार नहीं।
भास्कर ने एसपी देवेन्द्र सिंह से बातचीत की
सवाल: अजमेर दरगाह ब्लास्ट के बाद आप सफदर नागौरी और उसके साथियों से पूछताछ के लिए मध्यप्रदेश गए थे, उसका क्या निष्कर्ष निकला?
एसपी: कुछ ज्यादा जानकारी हासिल नहीं हो सकी थी। नागौरी ने कुछ लोगों के नाम बताए थे। जांच में जो कुछ भी आया उसकी रिपोर्ट बनाकर हमने हमारे उच्चधिकारियों को सौंप दी थी।
सवाल: नागौरी ने किन लोगों के नाम बताए थे?
एसपी: काफी दिन हो गए। अब मुझे वे नाम पता नहीं हैं।
सवाल: क्या जयपुर ब्लास्ट के मुख्य आरोपी शाहबाज और साजिद मंसूरी का नाम सामने आया था?
एसपी: यह इन्वेस्टिगेशन मैटर है। इस बारे में मैं कुछ भी नहीं बता सकता।
सवाल- और क्या-क्या बताया था नागौरी व उसके साथियों ने?
एसपी: यह भी इन्वेस्टिगेशन का मैटर है। मुझे वहां भेजा गया था। मैने जांच की और इसकी रिपोर्ट मेरे अधिकारियों को पेश कर दी।
सवाल: मध्यप्रदेश पुलिस की जांच रिपोर्ट आप साथ लेकर आए थे?
एसपी: इस बारे में मैं कुछ भी नहीं बता सकता।
सवाल: क्या इन्वेस्टिगेशन मैटर के नाम पर पुलिस अपनी गलतियों पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है?
एसपी: ऐसा नहीं है। मुझे मेरे अधिकारियों ने जैसा कहा, मैंने वैसा किया। अधिक जानकारी मैं आपको नहीं दे सकता।