जयपुर. ब्लास्ट के मामले में गिरफ्तार शाहबाज पर विस्फोटों की जिम्मेदारी लेने वाले ज्यादातर ई-मेल इंडियन मुजाहिदीन के नाम से भेजने का शक है।
जयपुर व अहमदाबाद में बम विस्फोटों से पहले इंडियन मुजाहिदीन के नाम से भेजे गए ई-मेल की भाषा, उनके पतों और फर्जी हस्ताक्षर करने वालों के नामों में कहीं न कहीं समानता है, इसलिए इंडियन मुजाहिदीन का नाम सिमी ने ही इस्तेमाल किया होगा।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि शाहबाज ने यह काम लखनऊ में दो साल पहले खोले गए कंप्यूटर ट्रेनिंग संस्थान की आड़ में किया होगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यूपी पुलिस ने शाहबाज के सार्वजनिक ईं-मेल पते का पता लगाया था। शाहबाज ने लखनऊ में कंप्यूटर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट शुरू किया था। इस कारोबार की आड़ में शाहबाज अपना आतंकी प्रकोष्ठ भी चलाता रहा। उसके कहने पर ही अब्दुल सुभान कुरैशी उर्फ तौकीर ने आतंकवाद के ट्रेनिंग कैंप चलाए।
किस-किस नाम से ई-मेल
उ.प्र. के लखनऊ, वाराणसी व फैजाबाद की निचली अदालतों में नवंबर 2007 में किए गए विस्फोटों के बाद इंडियन मुजाहीदीन ने जो ई-मेल भेजे थे, उनमें पता था और नाम से हस्ताक्षर थे। जयपुर विस्फोटों के बाद भेजे गए इंडियन मुजाहिदीन के ईं-मेल में भी यही हस्ताक्षर और पता था। अहमदाबाद विस्फोटों के बारे में भेजे गए तीसरे ई-मेल में अल- हिन्दी व अल-अरबी के नाम से दो हस्ताक्षर थे। यह मेल पते से भेजा गया था।
चौथा ई-मेल तौकीर की शरारत?
अहमदाबाद विस्फोटों के सिलसिले में यूपी से गिरफ्तार अबू बशर की गिरफ्तारी के बाद इंडियन मुजाहिदीन का चौथा ई-मेल मुंबई से अल-अरबी हस्ताक्षर से भेजा गया था।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि यह काम फरार आतंकी तौकीर उर्फ अब्दुल सुभान कुरैशी का हो सकता है। इसमें पकड़े गए आतंकियों से अपना संबंध नहीं होने की जानकारी देते हुए तबाही मचाने की धमकी दी थी।