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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) द्वारा आयोजित 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में पुनर्गणना के बाद 3000 से ज्यादा विद्यार्थियों के अंक बदल गए। 200 से ज्यादा विद्यार्थी फेल या पूरक से सीधे पास हो गए।
इनमें से 100 विद्यार्थियों के अंकों में काफी अंतर आया है। उनके अंक 7 से सीधे 70 और 6-8 से सीधे 60 व 80 हो गए हैं। यानी आंसरशीट के अंकों को जोड़ने वालों ने गंभीर लापरवाही बरती थी।
पुनर्गणना के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में अंकों में बदलाव नहीं आया है। पिछले साल तक दोनों परीक्षाओं को मिलाने के बाद भी फेरबदल वाले विद्यार्थियों की संख्या 1000 के पार नहीं पहुंच पाती थी। माशिमं के अधिकारी खुद इस बात को लेकर हैरान हैं। फिलहाल यह माना जा रहा है कि यह मानवीय भूल है। इस वजह से गणक 60 या 80 अंक के स्थान पर केवल 6 व 8 ही लिख सके। इसके बावजूद बोर्ड ने इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने की गरज से मंथन शुरु कर दिया है।
बोर्ड के सचिव अवध बिहारी ने बताया कि इस बारे में परीक्षण कराया जाएगा। गणकों की लापरवाही या शरारत उजागर होने पर उनके बारे में नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। अफसरों ने संकेत दिए हैं कि यदि एक ही सेंटर के विद्यार्थियों के अंकों में बड़ी संख्या में बदलाव आया है, तो वहां के परीक्षकों व गणकों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।
बोर्ड परीक्षा के नतीजों की घोषणा के बाद इस हाई स्कूल की परीक्षा देने वाले कुल विद्यार्थियों में 11322 ने पुनर्गणना की अर्जी लगाई थी। हायर सेकेंडरी के 14655 विद्यार्थियों ने पुनर्गणना का आवेदन किया था।
दोनों कक्षाओं के तमाम विद्यार्थियों के आवेदनों का निराकरण कर दिया गया। हाईस्कूल के 1325 और हायरसेकेंडरी के 2352 विद्यार्थियों के नंबर बदल गए हैं। माशिमं के अफसरों ने बताया कि पिछले साल 12 हजार विद्यार्थियों ने पुनर्गणना की अर्जी लगाई थी। इस वर्ष 25 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने अलग-अलग विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का जोड़-घटाना दोबारा कराया।
1900 को पुनर्गणना में भी शक
पुनर्गणना के नतीजों की घोषणा के बाद भी हाई व हायर सेकेडरी के 1900 विद्यार्थियों को अपने नतीजों पर यकीन नहीं हुआ। हाईस्कूल के 680 और हायर सेकेंडरी के 1218 विद्यार्थियों ने अपनी उत्तरपुस्तिकाओं की फोटोकापी मांगी हैं।
मंडल ने इनमें से 90 फीसदी विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिकाएं दे दी हैं। आंसरशीट का परीक्षण करने के बाद जिन विद्यार्थियों को ऐसा महसूस होगा कि उनके अंक अभी भी बदले जाएंगे तो वे पुनमरूल्यांकन के लिए आवेदन करेंगे। पुनमरूल्यांकन में 10 फीसदी से ज्यादा अंक बढ़ने पर विद्यार्थियों का रिजल्द बदला जाएगा और उन्हें नई मार्कशीट दी जाएगी।