बिहार.
बिहार में बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रही है इससे वहां की स्थिति लगातार भयावह बनी हुई है। कोसी नदी के उफान से उग्र रुप ले चुके बाढ़ में अब भी हजारों लोग फंसे हुए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार बाढ़ में फंसे लोगों के लिए बचाव कार्य को तेजी के साथ चलाया जा रहा है।
वहीं दूसरी तरफ बिहार से सटे नेपाल में भी हजारों लोग इस बाढ़ के कहर को झेल रहे हैं। जानकारी के अनुसार बिहार में कोसी नदी नेपाल से निकलती है जिसे वहां पर सप्तकोसी कहा जाता है।
नेपाल के वित्तमंत्री ने आज कहा कि नेपाल भी भारत के साथ मिलकर इस कहर का सामना करेगा। उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत में आई इस आपदा से निपटने के लिए दोनो देश एकजुट होकर एक-दूसरे के लिए सहायता अभियान को चलाएगें।
अधिकारियों के अनुसार बाढ़ के कहर से प्रभावित लोगों को राहत सामग्री और अन्य प्रकार की सहायता सेना और प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा पहुंचाने का प्रयास जारी है।
बिहार में आई इस भयावह बाढ़ में आज शुक्रवार को 24 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर सेना की मदद से निकाला जा चुका है। जबकि दूसरी तरफ बाढ़ के कहर के साथ-साथ मौसम विभाग के हवाले से भारी बारिस की संभावना भी जताई गई है। राहत दल ने मौसम विभाग की भविष्यवाणी के बाद कहा कि अगर भारी बारिस होती है तो बचाव कार्य में आ रही तेजी की रफ्तार धीमी पड़ जाएगी।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सव्रेक्षण कर पहले ही राष्ट्रीय आपदा घोषित कर चुके हैं।
अब तक 55 की मौत : बिहार में आई इस भयावह कहर में अब तक कुल मिलाकर 55 की जहां पर मौत हो चुकी है वहीं पर पता नहीं कितने बेघर हो गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों की माने तो अभी मरने वालों की संख्या में और अधिक इजाफा हो सकता है।