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श्रीलंका ने मैच, भारत ने सीरीज जीती

कोलंबो.cricket महेंद्र सिंह धोनी गुरूवार को विश्व के नंबर एक बल्लेबाज बने थे। शुक्रवार को उन्हें देश सर्वोच्च राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया। लेकिन टीम इंडिया श्रीलंका से पांचवां और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच ११२ रन से हारकर उन्हें जीत का तोहफा नहीं दे सकी।

भारत ने पांच मैचों की यह श्रंखला ३-२ से जीत ली। लेकिन श्रीलंका ने आखिरी मैच में जीत हासिल कर अपना सम्मान कुछ हद तक बचा लिया। श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में छह विकेट पर २२७ रन का सामान्य स्कोर खड़ा किया। लेकिन जब भारत की पारी में १४.२ ओवर में तीन विकेट पर 70 रन बने थे तभी वर्षा आने के कारण खेल रोक देना पड़ा। भारत को फिर ४४ ओवर में २१६ रन का संशोधित लक्ष्य दिया गया। लेकिन पूरी भारतीय टीम इसके जवाब में २६.३ ओवर में 103 रन पर लुढक गई। भारत ने अपने आखिरी आठ विकेट महज ३३ रन जोड़कर गंवा दिए।

नुवान कुलशेखरा ने 40 रन पर चार विकेट झटके जबकि भारतीयों के लिए सिरदर्द बने स्पिनर अजंता मेंडिस ने मात्र ४.३ ओवर में दस रन देकर चार विकेट झटक लिए। दिलहारा फर्नाडो ने २४ रन पर दो विकेट लिए और भारतीय पारी शर्मनाक ढंग से २६.३ ओवर में सिमट गई। भारत से उम्मीद की जा रही थी कि वह आखिरी मैच जीतकर श्रीलंका का ४-१ से सफाया कर देगा। लेकिन श्रीलंकाई गेदबाजों ने ऐसा नहीं होने दिया।

dhoniभारत को 103 रन पर समेटकर अपनी प्रतिष्ठा बचा ली। आज के दिन खेल रत्न बने धोनी सिर्फ एक रन बनाकर फर्नाडो की गेंद पर बोल्ड हुए। भारत की तरफ से युवा ओपनर विराट कोहली ने सर्वाधिक ३१ रन बनाए जबकि उनके अनुभवी जोड़ीदार गौतम गंभीर ११ रन ही बना सके।

युवराज सिंह की इस सीरीज में खराब फार्म यहां भी जारी रही और वह सिर्फ १७ रन बनाकर मेंडिस की गेंद पर बोल्ड हो गए। पिछले मैच के हीरो सुरेश रैना दस रन बना सके। रोहित शर्मा ने तीन, धोनी ने एक और इरफान पठान ने सात रन बनाए।

कोहली और गंभीर ने पहले विकेट के लिए ३८ रन जोड़े लेकिन फिर सात रन के अंतराल में गंभीर और कोहली आउट हो गए। रैना के रूप में भारत का तीसरा विकेट 70 के स्कोर पर गिरा। बारिश के कारण जब खेल रूका तो उस समय भारत का स्कोर १४.२ ओवर में तीन विकेट पर 70 रन था। बारिश रूकने के बाद जब दुबारा खेल शुरू हुआ तो भारत के विकेट वर्षा की बूंदों की तरह फटाफट गिर पड़े। टॉप आर्डर में भारत के तीन विकेट कुलशेखरा ने चटकाए और बाकी की कसर वर्षा के बाद मेंडिस ने पूरी कर दी।

ऐसा लग रहा था कि भारतीयों को मैच समाप्त करने की जल्दी है और एक भी बल्लेबाज विकेट पर टिकता नजर नहीं आ रहा था। इससे पहले तिलन तुषारा नाबाद ५४ और जहान मुबारक ४७ की ताबड़तोड़ पारी की बदौलत श्रीलंका ने छह विकेट पर २२७ रन का सम्माननक स्कोर खड़ा किया। तुषारा और मुबारक ने सातवें विकेट के लिए नाबाद ९४ रन की साझेदारी कर अपनी टीम की डगमगाती नैया को पार निकाल लिया।

दोनों बल्लेबाजों ने अंतिम दस ओवरों में भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली और जहीर को छोड़कर सभी गेंदबाजों पर जमकर रन लूटे। इससे पहले श्रीलंकाई कप्तान माहेला जयवर्धने ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया । लेकिन आज उनका यह निर्णय सही साबित होता नहीं दिख रहा था। आउट आफ फार्म चल रहे ओपनर सनत जयसूर्या एक रन बनाकर तेज गेंदबाज जहीर खान के शिकार बन गए। हालांकि इसके बाद बी वर्नापुरा 30 और एम उदावट्टे ४३ ने श्रीलंका को इस झटके से उबार लिया और दूसरे विकेट के लिए ७७ रन की साझेदारी कर डाली।

इस समय तक ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रहा है। लेकिन इसी स्कोर पर तेज गेंदबाज इरफान पठान ने पहले वर्नापुरा को आउट किया और फिर उदावट्टे को आउट कर श्रीलंका के पैरो तले जमीन खिसका दी। वर्णपुरा ने चार चौके की मदद से 30 रन बनाए जबकि उदावट्टे ने छह चौके की मदद से ४३ रन बनाए। इन दोनों बल्लेबाजों के आउट होने के बाद इस सीरीज में रनों को तरस रहे विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगकारा 01 और कप्तान जयवर्धने १२ विकेट पर खेलने आए। लेकिन संगकारा का बल्ला इस मैच में भी उनसे रूठा रहा और वह एक रन के योग पर आर पी सिंह के शिकार बन गए।

इसके कुछ देर बाद ही कप्तान जयवर्धने भी ओझा की शानदार गेंद पर युवराज सिंह को कैच थमा बैठे। इस समय तक श्रीलंका मुश्किल स्थिति में फंस चुका था और उसका स्कोर 200 के पार भी पहुंचते हुए नहीं दिख रहा था। चामरा कापूगेदरा २६ ने मुबारक के साथ ३२ रन की साझेदारी कर टीम के स्कोर को सौ के नजदीक पहुंचाया। लेकिन कैपूगेदरा ज्यादा आक्रामक रूख अपनाने के चक्कर में ओझा की गेंद पर आउट हो गए। उन्होंने एक चौके की मदद से २६ रन बनाए।

कैपूगेदरा के १३३ रन के योग पर आउट होने के बाद ऐसा दिख रहा था कि श्रीलंका बमुश्किल 150 के स्कोर तक पहुंच पाएगा। लेकिन टूर्नामेंट में अपने गेंद और बल्ले से जानदार प्रदर्शन कर रहे तुषारा ने मुबारक के साथ मिलकर वह कारनामा कर दिखाया जिसके बारे में भारतीय गेंदबाज सोचे भी नहीं होंगे। दोनों बल्लेबाजों ने पहले धीरे धीरे पिच पर आंखे जमाई और फिर सभी भारतीय गेंदबाजों पर हमला बोल दिया।

तुषारा की आक्रमकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है किउन्होंने महज ४६ गेंदों में छह चौकों की मदद से ५४ रन बना डाले। मुबारक ने ५५ गेंदों में तीन चौके की मदद से ४७ रन बनाए। भारत की पुच्छल्ले बल्लेबाजों को आउट नहीं कर पाने की पुरानी कमजोरी एक बार फिर यहां समाने आ गई। तुषारा और मुबारक ने स्लाग ओवर में तेज गेंदबाज आर पी सिंह और पठान को जमकर निशाना बनाया और टीम को स्कोर को 200 के पार पहुंचाया। भारत की तरफ से पठान और ओझा को दो दो विकेट मिले जबकि तेज गेंदबाज जहीर खान और आर पी को एक- एक विकेट मिला।





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