रोहतक.
बीजिंग ओलिंपिक में जब भारत के जांबाज अपने मुक्कों का दम दिखा रहे थे, तब देश की एक बेटी सात समंदर पार चार देशों की वायुसेनाओं के सबसे बड़े संयुक्त युद्धाभ्यास की कमान संभाले थी। हम बात कर रहे हैं भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर मोना दहिया की। मोना चार देशों से आई अलग-अलग विंग की अकेली इंचार्ज थीं।
हरियाणा के रोहतक की मोना ने 9 से 23 अगस्त तक अमेरिका में हुए ‘रेड फ्लैग-08’ युद्धाभ्यास में एअरोस्पेस मेडिकल विशेषज्ञ के तौर पर हिस्सा लिया था। इसमें अमेरिका, फ्रांस, दक्षिण कोरिया व भारत की वायुसेनो शामिल थीं। भारत के 247 सदस्यीय दल में मोना एकमात्र महिला अफसर थीं।
क्या थी जिम्मेदारी : इस युद्धाभ्यास में मोना पर बहुत अहम जिम्मेदारी थी। अभ्यास पर जाने से पहले प्रत्येक वायुसैनिक की शारीरिक जांच करना, उनके खानपान पर ध्यान रखना, हजारों फीट की ऊंचाई पर एकाग्रता बनाए रखने का प्रशिक्षण देना और सैनिकों का इलाज करना, उनके मुख्य कामों में शामिल था। 30 जनवरी 1995 को भारतीय वायुसेना में कमीशन लेने वाली मोना दहिया के पति धर्मेद्र दांगी भी विंग कमांडर हैं।
हमारे जवानों ने यूएस-30 जेट फाइटरों के साथ जो कमाल दिखाया, वह गजब का था। हमने दुनिया को दिखा दिया कि भारत किसी से पीछे नहीं है।’
—मोना दहिया (विंग कमांडर, भारतीय वायुसेना)