रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने शुक्रवार को विधान सभा में विश्वास मत आठ मतों से जीत लिया। उन्हें 42 मत मिले, जबकि 34 विधायकों ने उनके खिलाफ मतदान किया। विधानसभा में एक नामांकित सदस्य समेत 82 सदस्य हैं।
विधान सभा के विशेष सत्र में विपक्ष ने काफी हंगामा मचाया, जिसके कारण सदन की बैठक 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। भाजपा और विपक्ष राज्य के मंत्री समेत कुछ सदस्यों को अयोग्य घोषित करने की मांग पर अड़े हुए थे। भाजपा की मांग थी कि अयोग्य घोषित करने वाली याचिकाओं पर पहले निर्णय लिया जाए। क्यों मचा हंगामा : इसके साथ ही स्पीकर आलमगीर आलम ने गुरुवार रात को भाजपा के दो निलंबित विधायक विष्णु भैया और मनोहर टेकरीवाल को विश्वास मत के दौरान मतदान में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने बताया कि यह निर्णय विपक्ष के नेता अजरुन मुंडा की याचिका पर लिया गया है।
मुंडा ने सौंपी गई याचिका में कहा था कि भैया और मनोहर के क्रास वोटिंग की आशंका है। दल-बदल के आरोपों पर आलम ने कहा कि ये कोर्ट के विचाराधीन मामले हैं, जिन्हें सदन में नहीं उठाना चाहिए।