
मुंबई.भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने आज एक बार फिर एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अब समय आ गया है जब वनडे की तर्ज पर ही टेस्ट क्रि केट में भी यु़वा खिलाड़ियों को भी अवसर दिए जाने चाहिए।
हाल ही में श्रीलंका में भारत ने जिस तरह से टेस्ट सीरीज में पदर्शन किया है उसे देखते हुए वेंगसरकर के इस बयान का महत्व बढ़ जाता है। गौरतलब है कि एक तरफ जंहा टेस्ट सीरीज में दिग्गज खिलाड़ियों के रहते टीम इंडिया को हार का मुंह देखना पड़ा वहीं माही की युवा ब्रिगेड ने गजब का खेल दिखाते हुए श्रीलंका को ३ २ से हरा दिया।
......तो गांगुली, द्रविड़ , लक्ष्मण, सचिन हो सकते है बाहर?
दिलीप वेंगसरकर ने स्पष्ठ शब्दों में कहा है कि किसी भी खिलाड़ी का टीम इंडिया में चयन उसके वर्तमान प्रदर्शन को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए ना कि किसी और बात को ध्यान में रखकर। वेंगसरकर का साफ सकेंत राहुल द्रविड़, गांगुली, लक्ष्मण और सचिन जैसे खिलाड़ियों की तरफ था हालांकि कर्नल ने बयान देते समय किसी खिलाड़ी का नाम तों नहीं लिया लेकिन यह किसी से भी छुपी बात नहीं है कि कर्नल वरिष्ठ खिलाड़ियो के स्थान पर युवाओं को टेस्ट टीम में मौका देना चाहते है। तो क्या अब वरिष्ठ खिलाड़ियों के दिन खत्म हो गए है?
क्या होगा त्रिदेव का
क्या सचिन ,राहुल, और गांगुली जैसे खिलाड़ी टीम इंडिया के लिए मैच जिताऊ खिलाड़ी नहीं रहे? खेल प्रेमी जो भी सोचे पर कर्नल जिस तरह से युवा चेहरों के लिए आवाज बुलंद कर रहे है उसे देखते हुए तो वरिष्ठ खिलाड़ियो के लिए अब खतरे की घंटी तो बज चुकी है।
कुंबले बनाम धोनी
सबसे बड़ी बात तो यह देखने वाली होगी क्या अनिल कुंबले के स्थान पर माही को टीम इंडिया का टेस्ट कप्तान बनाया जाता है या नहीं। अगर कुंबले के स्थान पर माही को कप्तान बनाया जाता है तो वरिष्ठ खिलाड़ियो के लिए आगे का समय और मुश्किल आने वाला है क्योंकि महेन्द्र सिंह धोनी खुद भी युवाओं को अधिक अवसर देना चाहते है।