बहादुरगढ़ (हरियाणा).अब ट्रेनों में आरक्षण कराने वालों के फोन नम्बर भी रेलवे के मास्टर कंप्यूटर में दर्ज किए जाएंगे। रेलवे ने यह निर्णय दुर्घटना होने पर मशक्कत से बचने और यात्रियों के परिजनों को उनकी स्थिति के बारे में जल्द सूचना देने के मकसद से लिया है। यह सुविधा तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है। इससे आरक्षण फॅार्म पर फोन नम्बर लिखना अनिवार्य हो गया है।
अब तक क्या था :
आरक्षण फार्म पर लिखे यात्री के संपर्क फोन नम्बर को कम्प्यूटर में दर्ज करना जरूरी नहीं था, इसलिए ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने पर आरक्षण चार्ट में दर्ज नाम जारी कर दिए जाते थे। ऐसे में अनहोनी की स्थिति में यात्री के परिजन सही स्थिति की जानकारी हासिल करने के लिए इधर से उधर परेशान से घूमते रहते हैं।
अब क्या होगा :
टिकट लेने वाले व्यक्ति द्वारा आरक्षण फार्म में दिया गया फोन नम्बर रेलवे के मास्टर कम्प्यूटर में अनिवार्य रूप से दर्ज होगा। किसी भी अनहोनी की स्थिति में रेलवे इस फोन नंबर पर संबंधित यात्री के बारे में जानकारी देगी।
यात्रियों को क्या करना चाहिए :
टिकट लेते समय आरक्षण फार्म में उस फोन का नम्बर न दें जो वे साथ लेकर यात्रा कर रहे हों, वरन ऐसे फोन का नम्बर भी दें जिस पर हादसे की स्थिति में किसी परिजन या करीबी रिश्तेदार अथवा मित्र से संपर्क किया जा सके।
‘ रेलवे की इस सुविधा से यात्रियों के अलावा उनके परिजनों को दुर्घटना के दौरान किसी भी आशंका से उबरने में मदद मिलेगी।’
-प्रमोद सोनी (हरियाणा के टिकट चेकिंग प्रभारी)