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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर.
सरकारी जांच कमेटी को जांच में सहयोग करने के लिए कलेक्टर ने अपोलो प्रबंधन को पत्र लिखा है। इसके अलावा अपोलो के अफसरों से मौखिक चर्चा कर उनसे कहा गया कि कमेटी को वे सारी चीजें उपलब्ध कराई जाएं, जिनकी जांच में जरूरत है।
इधर प्रबंधन के असहयोग के चलते कमेटी शनिवार को जांच रिपोर्ट नहीं सौंप सकी। स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल का कहना है कि इसमें दो-तीन दिन और लग सकते हैं।
अपोलो हास्पिटल में महापौर अशोक पिंगले की उपचार के दौरान मौत के बाद शासन ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है। कमेटी ने शुक्रवार को कलेक्टर से शिकायत की थी कि अपोलो प्रबंधन द्वारा पत्र लिखने के बाद भी जांच में सहयोग नहीं किया जा रहा है। कार्डियक मानिटर, वेंटीलेटर व डी फेब्रिलेटर की रिकार्डिग उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इसके लिए शुक्रवार को दोपहर तक की मोहलत दी गई थी।
कमेटी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर सुबोध कुमार सिंह ने शनिवार को अपोलो के अधिकारियों से फोन पर चर्चा की और उन्हें जांच में सहयोग करने के लिए कहा। इसके अलावा प्रबंधन को पत्र लिखा गया है। इसमें कहा गया है कि प्रबंधन कमेटी को मानिटर, दस्तावेजों के अलावा वे सारी चीजें उपलब्ध कराए, जिनकी मांग की जा रही है। उक्त चीजें उपलब्ध न कराने से जांच प्रभावित हो रही है।
कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि अपोलो के अधिकारियों ने सहयोग के लिए आश्वस्त किया है। कमेटी ने जांच पूरी कर ली है, लेकिन उपकरणों की रिकार्डिग न मिलने से रिपोर्ट को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल ने बताया कि प्रशासन से हस्तक्षेप करने के लिए कहा गया है। कमेटी आज हेल्थ सेक्रेटरी को रिपोर्ट सौंपने वाली थी, जो अब दो-तीन दिन टल सकता है। उपकरणों की रिकार्डिग देखने के बाद ही जांच रिपोर्ट फाइनल की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि महापौर श्री पिंगले की मौत के मामले में लापरवाही के आरोप में अपोलो प्रबंधन द्वारा बर्खास्त किए गए डा. जयराम अय्यर ने राजधानी के मेडिकल कालेज में शासकीय कमेटी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया था।