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सब उतराए मौजों में

अजमेर. fm ‘बेख्याली का बड़ा हाथ है रुसवाई में, आपसे बात करेंगे हम तनहाई में, हम हैं तस्वीर में डूब जाने वाले, उतर जाते हैं हर रंग की गहराई में’सूफियाना मस्ती का ऐसा ही रंग जमा हुआ था, सुनने वाले ग़जल, कव्वाली और हंसी के रंग में डूबे हुए थे। हर तरफ से आ रही थी एक ही आवाज क्या बात है!..दिल से।

यह माहौल था 94.3 माय एफएम की पहली वर्षगाठ पर आयोजित एन इवनिंग विद साबरी ब्रदर्स कार्यक्रम का। पिछले साल 31 अगस्त को अजमेर में शुरू हुए 94.3 मायएफएम ने शनिवार को एक साल पूरा किया म्यूजिक मस्ती के साथ।

इस वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर माय एफएम ने शहर के श्रोताओं को एक शानदार संगीतमयी सौगात दी। भगवंत यूनिवर्सिटी के तत्वावधान में साबरी ब्रदर्स की कव्वाली का कार्यक्रम आयोजित किया गया। रात आठ बजे एआईटी मैदान पर शुरू हुए इस कार्यक्रम की शुरूआत शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी के दीप प्रज्जवलन के साथ हुई। इसके बाद शुरू हुआ कव्वालियों का दौर।

साबरी बंधु वाजिद साबरी, अमीन साबरी और फरीद साबरी ने शुरूआत में अपना रंग ‘हम्द तू दहरो-हरम का मालिक है आज मुझ पर ये करम कर दे, काबे की तरफ रुख जो नहीं, रुख की तरफ काबा कर दे..’ से बिखेरना शुरू किया। हम्द-ए-कव्वाली खत्म होते होते श्रोता सूफियाना समंदर की मौजों में डूबने उतराने लगे थे। साबरी बंधुओं ने ‘हौसला देखो मेरी सादा दिली का यारो, इश्क करता हूं मगर इश्क को समझा भी नहीं, होश वालो मेरा मयारे-जुनूं तो देखो, उस पर मरता हूं जिसे देखा ही नहीं...’ का कत्आ पेश कर दिया।

इसके बाद तो कव्वाली और गजलों का जो सिलसिला चला उसमें डूबने से शायद ही काई बचा। साबरी ब्रदर्स ने खुशफहमी में जीने वालों पर कटाक्ष करते हुए गजल कही कि ‘एडी को उठाए हुए पंजों पे खड़े हैं, बौने ये समझते हैं के हम सबसे बड़े हैं..’ नसीहत देती गजल का शेर देखिए कि ‘अपने कमरे में दीये लाख जला क्या होता है, इस उजाले से पड़ोसी का भला क्या होता है..’ बात जब रोने की आई तो साबरी बंधुओं ने तराना छेड़ दिया ‘इस बात का रोना है, इस बात पे रोते हैं, कश्ती के मुहाफिज ही कश्ती को डुबोते हैं...।

इसके बाद जब लोगों ने साबरी ब्रदर्स द्वारा फिल्मों में गाई कव्वाली का शोर मचाया तो शुरूआत हुई फिल्म ‘हिना’ की मशहूर कव्वाली ‘देर ना हो जाए कहीं देर ना..’ से और फिर फिल्म ‘सिर्फ तुम’ की ‘जिंदा रहने के लिए तेरी कसम, एक मुलाकात जरूरी है सनम..’ ने अपना जलवा बिखेरा। आखिर में ख्वाजा साहब की शान में पढ़ी गई कव्वाली ‘मोपे किरपा करो महाराज मोइनुद्दीन..’ पर यह सफर खत्म हुआ।

लोग कव्वाली के खुमार से निकलते उससे पहले ही हास्य और व्यंग्य की बौछार शुरू हो गई। लाफ्टर चैलेंज फेम रास बिहारी गौड़ ने हंसी का वह रंग जमाया कि सब लोटपोट हो गए। वक्त के हाथों मजबूर बिहारी ने कविता को विराम दिया तो लोगों ने वंस मोर के नारे लगाना शुरू कर दिए। कलेक्टर नवीन महाजन ने भी कव्वाली का लुत्फ उठाया। वे पसंद की कव्वाली सुनने के लिए फरमाइश करने से नहीं चूके।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी, विशेष अतिथि कलेक्टर नवीन महाजन और भगवंत यूनिवर्सिटी के चांसलर अनिल सिंह थे। कलेक्टर का सम्मान भगवंत यूनिवर्सिटी के चांसलर अनिल सिंह ने किया।

संचालन रजत और आभार मायएफएम के स्टेशन डायरेक्टर अंशुल भार्गव ने व्यक्त किया। यह कार्यक्रम माय एफएम के साथ भगवंत यूनिवर्सिटी ने आयोजित किया था। इसमें सहयोगी हीरो होंडा डीलर्स अग्रवाल मोटर कंपनी,रेलन मोटर्स,एआईटी,मोंटे कालरे,टेक्नोविजन,अजमेर फर्निचर एम्पोरियम, केआर डेंटल क्लीनिक थे।





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