अजमेर. केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री एआर अंतुले ने दरगाह कमेटी के सदस्यों से साफ कर दिया कि दरगाह सुरक्षा और जायरीन की सुविधाओं के मामले में वे किसी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे। शनिवार को कमेटी सदस्यों ने दिल्ली में उनसे भेंट की।
केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री अंतुले से मुलाकात के बाद दरगाह कमेटी के नायब सदर प्रो. इब्राहीम ने फोन पर जानकारी दी कि कमेटी ने एक्स-रे मशीन के लिए 35 लाख रुपए का अलग से प्रावधान किया है। यह फंड राज्य सरकार की सुरक्षा एजेंसियों की मदद से उपयोग में लिया जाएगा।
सुरक्षा के मामले में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रो. इब्राहीम ने बताया कि केंद्रीय मंत्री अंतुले ने कमेटी से अपेक्षा कीकि जिस प्रकार पिछली कमेटी के सदस्यों के आपसी झगड़े और जायरीन के लिए कोई कार्य नहीं करने से लोग नाराज हुए थे,ऐसा मौका यह कमेटी नहीं दे। उन्होंने सदस्यों से साथ मिलकर काम करने की बात कही। अंतुले ने कहा कि कमेटी के साथ उनका मोरल सपोर्ट है।
कमेटी के संबंध मे मिलीं शिकायतें
अंतुले ने दरगाह कमेटी सदस्यों को साफ कर दिया है कि उनके पास दरगाह से जुड़े लोगों की अनेक शिकायतें आई हैं। वे इन शिकायतों को दिखवाएंगे। उन्होंने सदस्यों से कहा कि परिसर में जितने अधिक कार्य कराए जा सकते हों, कराए जाएं।
सोनिया व पीएम से मिलना खटाई में
देर रात तक दरगाह कमेटी सदस्यों को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पीएम हाउस से रविवार की मुलाकात के लिए कोई संदेश प्राप्त नहीं हुआ था। इधर कमेटी सदर नवाब मोहम्मद अब्दुल अली रात को ही चैन्नई के लिए रवाना हो गए।
पश्चिम बंगाल में चल रहे सिंगूर विवाद को देखते हुए दरगाह कमेटी सदस्य एचबी चौधरी रविवार अलसुबह कोलकाता के लिए रवाना हो जाएंगे। बिहार में कोसी नदी के रास्ता बदलने के बाद आई बाढ़ को देखते हुए दरगाह कमेटी के सदस्यों का कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलना खटाई में लग रहा है।
सदर और नायब सदर का कार्यकाल मार्च तक बढ़ाया
अजमेर. दरगाह कमेटी की शनिवार को दिल्ली में हुई बैठक में दरगाह एक्ट का प्रावधान आड़े आ जाने से चुनाव नहीं हो सके। बैठक में सदस्यों ने एक प्रस्ताव पारित कर मार्च तक सदर पद के लिए प्रिंस ऑफ अरकाट नवाब मोहम्मद अली को और नायब सदर के पद पर प्रो. इब्राहीम का कार्यकाल बढ़ा दिया है।
नए चुनाव अब मार्च में ही बजट मीटिंग के साथ होंगे। कमेटी के सदर और नायब सदर पद के चुनाव के लिए दिल्ली के निजामुद्दीन वेस्ट में स्थित बरकत होम में शाम साढ़े छह बजे बाद बैठक शुरू हुई। दो घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में वर्तमान पदाधिकारियों के कार्यकाल को ही मार्च तक बढ़ाने का फैसला किया गया।
कमेटी के नायब सदर प्रो. इब्राहीम ने बैठक के बाद दिल्ली से फोन पर जानकारी दी कि एक्ट में प्रावधान है कि चुनाव एक साल पूरा होने पर मार्च में होने वाली बजट मीटिंग के दौरान ही कराए जा सकेंगे। मार्च में कमेटी को एक वर्ष पूरा नहीं हो पाया था, इसलिए केवल बजट पास किया गया और इस बार कमेटी को एक साल तो पूरा हो गया, लेकिन बजट पास नहीं हो रहा था।
इस तकनीकी बिंदु के चलते सभी सदस्यों ने सहमति से मार्च तक के लिए मौजूदा पदाधिकारियों का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव पारित कर दिया। कमेटी सदस्यों का कहना था कि यह चुनाव थोड़ा विलंब से होंगे, लेकिन भविष्य में होने वाले चुनाव समय पर हो सकेंगे। उल्लेखनीय है कि मौजूदा पदाधिकारियों का कार्यकाल 13 सितंबर को पूरा होना था। अवधि पूरी हो जाने को देखते हुए कमेटी ने चुनाव के लिए यह बैठक कॉल की थी।