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Shekhawati Shekhawati तारानगर. क्षेत्र से तेरह किमी दूर टीले पर स्थित श्यामपांडिया के मंदिर में शनिवार को लगे वार्षिक मेले को लेकर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ आया।
मेले में क्षेत्र के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों सहित सरदारशहर व राजगढ़ तहसील के श्रद्धालुओं ने बाबा के धोक लगाई तथा पवित्र तालाब में स्नान किया। इससे पूर्व रात्रि को जागरण व भंडारा लगा। महंत राजेशगिरि महाराज के सानिध्य में पूजा की गई।
वृद्ध महिलाएं पहुंची पैदल : सनातनी परंपराओं को मानने वालों की आस्था के केंद्र व तीर्थ स्थान के रूप में मशहूर बाबा श्याम पांडिया के दर्शन करने के लिए तहसील के गांव झांझनी, कैलास, नेठवा, दुलेरी, भलाऊ, रेवासी, लुणास, मेघसर, तारानगर सहित राजगढ़ व सरदारशहर तहसील के लोग पहुंचे। जिसमें कई गांवों से वृद्ध महिलाओं सहित श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए पैदल व ऊंटगाड़े तथा अन्य साधनों से आए।
बावड़ी में लगाई डुबकी : बाबा श्याम पांडिया के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं ने मंदिर क्षेत्र में हरियाली के बीच स्थित पवित्र बावड़ी में डुबकी लगाकर स्नान किया।
बिजली व सड़क का अभाव अखरा : मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर क्षेत्र में बिजली व सड़क का अभाव खूब अखरा।
मंदिर में आज तक बिजली की व्यवस्था नही पहुंची है। इसके साथ ही सड़क का अभाव होने के कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होती है।
श्याम पांडिया एक नजर में
टीले पर स्थित बाबा श्याम पांडिया के मंदिर का धार्मिक के साथ साथ ऐतिहासिक महत्व भी है। लोगों के अनुसार यह टीला श्याम पांडिया की तपोभूमि रहा है।
माना जाता है कि पांडवों की राजधानी इंद्रप्रस्थ में पांडवों की ओर से किए गए राजसूय यज्ञ की पूर्णाहुति संपन्न करवाने के लिए श्याम पांडिया को ले जाने के लिए स्वयं महाबली भीम इस टीले पर आए थे। श्याम पांडिया को शीघ्र ले जाने के लिए भीम ने उनकी भेड़- बकरी आदि पशुओं को पानी पिलाने के लिए बावड़ी खोदी थी, जो आज भी गांव बांय के पास स्थित है।