कोटा. रावतभाटा रोड स्थित बाल संप्रेषण गृह से सात बच्चे स्टाफ को चकमा देकर भाग गए। विभाग ने उनकी तलाश के लिए पुलिस से मदद मांगी है। वहीं, दोषी कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा रही है।
अधीक्षक सविता कृष्णया ने बताया कि बाल संप्रेषण गृह में अभी 17 बच्चे हैं। शनिवार की शाम को चौकीदार व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उन्हें खाना खिला रहे थे। सभी बच्चे गैलेरी में बैठकर खाना खा रहे थे। इस बीच चौकीदार व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संप्रेषण गृह के अंदर चले गए।
मौका देखकर सात बच्चे वहां से निकल भागे। बच्चों के वहां से भागने की जैसे ही स्टाफ को जानकारी मिली, वे भी उन्हें तलाशने निकले, लेकिन रात तक उनका पता नहीं चला। अधीक्षक ने बताया कि मामले की सूचना दादाबाड़ी पुलिस को दी गई। लापरवाही बरतने पर सुरक्षा कर्मचारी व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
ताला खुला छोड़ने का अंदेशा
बच्चे भागने की सूचना मिलने के बाद दादाबाड़ी थानाधिकारी सुनील झांझड़िया भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे बाल सम्प्रेषण गृह का मौका मुआयना किया। जांच में वहां पर ऐसा कुछ नहीं लगा कि बच्चे ताला अथवा खिड़की तोड़कर भागे हैं।
संभवत: कर्मचारियों ने वहां का ताला खुला छोड़ दिया जिससे मौका पाकर बच्चे भाग निकले। सीआई का कहना है कि रात तक विभाग ने उन्हें बच्चों के नाम-पते नहीं सौंपे थे। नाम-पतों की जानकारी मिलने पर उनकी तलाश की जाएगी।
पहले भी हुई हैं घटनाएं
इससे पहले भी दो बार सम्प्रेषण गृह से बच्चे भाग चुके हैं। पिछली बार तो बच्चों ने खिड़की का सरिया काटकर रास्ता बनाया था। हालांकि दो-तीन दिन में ही सभी बच्चे हाथ आ गए थे। एक बच्च जब फरार होकर घर पहुंचा तो उसके माता-पिता खुद उसे सम्प्रेषण गृह छोड़कर आए थे। उससे पूर्व एक बार दीवार फांदकर बच्चे भागे थे।