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मुख्यमंत्री कहां करें सभा

कोटा. hospital मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के चार सितंबर को प्रस्तावित कोटा दौरे में वे जनसभा को कहां सम्बोधित करें, इसे लेकर दोनों संसदीय सचिव आमने-सामने हैं।

प्रशासनिक स्तर पर दौरे की तैयारियां शुरू हो गई हैं, लेकिन संसदीय सचिवों के विवाद में मुख्यमंत्री की यात्रा का प्रभारी वन-पर्यावरण राज्यमंत्री प्रतापसिंह सिंघवी को बनाया गया है। इस बीच, प्रशासन ने शिलान्यास व लोकार्पण के लिए पांच स्थलों का चयन कर रिपोर्ट सरकार को भेज दी है।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे लंबे समय बाद कोटा आ रही है। दोनों संसदीय सचिव ओम बिरला व भवानीसिंह राजावत अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों के विकास कार्र्यो का लोकार्पण करवाने के साथ ही आमसभा भी वहां करवाना चाहते हैं। इस कारण प्रशासन भी स्थान तय नहीं कर पाया है। माना जा रहा है कि इसी कारण से मुख्यमंत्री का अधिकृत कार्यक्रम जारी नहीं हो पा रहा है।

न्यास ने कहा कि सभी कार्य पूरे
नगर विकास न्यास ने मुख्यमंत्री द्वारा की घोषणाओं को पूरा करने बाबत रिपोर्ट में बताया है कि पेंशन भवन बन चुका है। स्टेडियम के पहले चरण का काम पूरा है, डीसीएम रोड पर आरओबी का निर्माण जारी है, इसमें रेलवे से स्वीकृति नहीं मिलने से बाधा आ रही है।

कन्वेंशन सेंटर कि निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। रोडवेज बस टर्मिनल के लिए भू-उपयोग परिवर्तन का आवेदन प्राप्त हो चुका है। राशि किश्तों में देने का आवेदन मिलना बाकी है। चंबल नदी पर प्रस्तावित पुल का कार्यादेश जारी किया जा चुका है।

अधिकारियों ने लिया जायजा
मुख्यमंत्री की यात्रा के मद्देनजर अफसरों ने उन स्थलों का निरीक्षण किया, जहां उनका कार्यक्रम बन रहा है। जिला रसद अधिकारी दीपक नंदी की अगुवाई में न्यास सचिव राकेश जायसवाल, एडीएम प्रशासन सोहनलाल शर्मा, एडीएम सिटी मनोज नाग सहित अन्य अफसर मेडिकल कॉलेज, किसान भवन व किशोर सागर तालाब पहुंचे। वहां लोकार्पण स्थल का निरीक्षण करने के साथ ही सड़कों के हालात और अन्य तैयारियों को देखा।

अधिकृत कार्यक्रम अब तक नहीं
एडीएम मनोज नाग ने बताया कि सरकार की ओर से शनिवार शाम तक मुख्यमंत्री के आगमन का कोई अधिकृत कार्यक्रम प्रशासन को नहीं मिला है। आगमन की संभावनाएं बनी हैं, लिहाजा प्रशासन अपनी ओर से तैयारियों में जुटा है।





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