इंदौर. रविवार को बियाबानी में गणोश चतुर्थी का चंदा मांगने गए बदमाशों ने दुकानदारों पर हमला कर दुकान में तोड़फोड़ कर दी। घायल व्यापारी छत्रीपुरा थाने में रिपोर्ट लिखाने पहुंचे तो गुंडों पुलिस की मौजदूगी में भी पीटा। उनके दबाव के चलते व्यापारी रिपोर्ट भी नहीं करवा सका।
बियाबानी किराना एसोसिएशन से संबद्ध व्यापारियों ने बताया शनिवार को कपिल राठौर, विजय व घनश्याम देवड़ा, संजय राठौर, चेतन, अम्बरीष राठौर, गिरीश सहित 25 से ज्यादा युवक गणोश चतुर्थी का चंदा मांगने आए तो एसोसिएशन अध्यक्ष गुरुनोमल माटा ने रविवार को बुलाया। सुबह श्री माटा सड़क दुर्घटना में घायल हो गए इसलिए उनकी दुकान पर पुत्र संजय और संदीप बैठे थे।
दोपहर 12.30 बजे के आसपास युवकों का समूह फिर पहुंचा और एसोसिएशन की ओर से 11 हजार रुपए देने की मांग रखी। संजय और संदीप ने कहा पिताजी घायल है और एसोसिएशन हर साल 1100 रुपए चंदा देती है। इस बार भी इतना ही देंगे। इस पर विवाद हुआ तो युवकों ने दोनो भाइयों को दुकान से खींचकर पिटाई की।
आसपास के दुकानदारों ने आपत्ति ली तो उन्हें भी धमकाया। कुछ ही देर में चाकू, हॉकी-बैसबाल लेकर आए और दुकानों में तोड़फोड़ करने लगे। माटा बंधुओं ने रोका तो संदीप के हाथ पर चाकू मारा और बीचबचाव को आए राज कुंडल को भी घायल कर दिया। यह देख घबराए दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दी।
चार दिन में छूटकर फिर पीटेंगे
युवकों ने धमकाया हमारे विरुद्ध रिपोर्ट की तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। हम चार दिन में छूटकर बाहर आ जाएंगे, फिर तुम्हें कौन बचाएगा? युवक हथियार लेकर धमकाते रहे और किसी की हिम्मत नहीं हुई कि उन्हें रोक सकें।
टीआई की मौजदूगी में पीटा, रिपोर्ट नहीं लिखी
घबराए व्यापारी जैसे-तैसे हिम्मत जुटाकर छत्रीपुरा थाने पहुंचे तो पहले से मौजूद हमलावरों ने कटाक्ष किया ‘लो आ गए रिपोर्ट लिखाने’। माटा बंधु रिपोर्ट लिखाने गए तो पुलिसकर्मियों ने कहा इससे कुछ नहीं होगा। ये सब आदतन लोग हैं।
बेहतर है इन्हें चंदा देकर मुक्ति पाएं। पीड़ित पक्ष ने टीआई बीडी त्रिपाठी को व्यथा सुनाना चाही तो युवकों ने फिर हंगामा किया। माटा बंधु थाने के गेट के बाहर आए तो युवकों ने टीआई के सामने ही जोर आजमाइश की। इस बीच भाजपा नेता शिवसिंह गौड़ और भाया कंदोई भी थाने पहुंचे। करीब एक घंटे चले घटनाक्रम के बाद भी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। तब माटा बंधुओं को नामजद लिखित शिकायत की जिसके आधार पर पुलिस एमएलसी के लिए अस्पताल ले गई।
पहले भी कई बार हो चुके हैं विवाद
चंदे के लिए पहले भी कई बार विवाद हो चुके हैं। व्यापारी वर्ग की समस्या यह है कि वे अगर पुलिस को शिकायत करते हैं तो बाद में उनकी और फजीहत हो जाती है। उन्हें गुंडे धमकाते हैं। इसके चलते अधिकांश व्यापारी रिपोर्ट नहीं लिखाते। पिछले साल चंदे को लेकर जवाहर मार्ग पर व्यापारियों को धमकाया गया था जिससे चलते चक्काजाम किया गया था।
एमजी रोड थाना क्षेत्र के व्यापारी भी शिकार हो चुके हैं। छोटी ग्वालटोली क्षेत्र तो इसके लिए कुख्यात है। यहां चंदा मांगने वालों ने व्यापारियों की श्रेणी बनाकर रखी है। उस आधार पर जबर्दस्ती चंदा वसूला जाता है। हर बार अधिकारी द्वारा सख्त कार्रवाई की बात की जाती है लेकिन नतीजा सिफर ही रहता है।
‘पुलिस युवकों के दबाव में रिपोर्ट न लिखे, संभव ही नहीं है। व्यापारियों ने ही कहा हम एक ही क्षेत्र में रहते हैं इसलिए रिपोर्ट करने से मतलब नहीं है। दोनों में समझौता भी हो गया।’
—बी.डी. त्रिपाठी, टीआई, छत्रीपुरा