इंदौर.
चोरल जाने वाले पर्यटकों को अब फिसलन भरे पत्थरों और पानी की तेज लहरों के बीच नदी पार नहीं करना होगी। उनके लिए लक्ष्मण झूला जैसा सौ मीटर लंबा हैगिंग ब्रिज बनेगा।
यह घोषणा वन एवं आदिमजाति कल्याण मंत्री विजय शाह ने की। वे मप्र ईको पर्यटन विकास निगम द्वारा मप्र राज्य पर्यटन विकास निगम के माध्यम से चोरल नदी के किनारे विकसित पिकनिक स्पॉट के लोकार्पण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया ब्रिज नदी पार करने के दौरान होने वाले हादसों से निजात दिलाकर क्षेत्र को सुरक्षित पर्यटन स्थल की पहचान देगा। इसे एक साल में बना दिया जाएगा।
घोषणाएं और भी..
ठ्ठ विकसित पर्यटन स्थल और नदी पार वन क्षेत्र में पॉलिथीन पर रोक, इस्तेमाल करने वालों पर दर्ज होगा मुकदमा।
ठ्ठ सालभर पानी बनाए रखने के लिए नदी पर जगह-जगह बांध बनाएंगे। दो बांध का प्रस्ताव तैयार।
ठ्ठ विकसित स्थल के उस हिस्से में डेम बनाकर नाव चलाएंगे जहां पानी ज्यादा है।
क्रियान्वित हुईं तो..
हैंगिंग ब्रिज- नदी पार करने के लिए चट्टानों और पानी से गुजरना नहीं पड़ेगा। पानी ज्यादा होने पर भी पहाड़ी क्षेत्र में पहुंच सकेंगे। हादसे कम होंगे।
पॉलिथीन प्रतिबंध- पर्यावरण सुधार के साथ ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार।
नौका विहार- पर्यटन को बढ़ावा। ग्राम पंचायत करेगी संचालन। पानी बढ़ने पर निकाल लेंगे नाव।