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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरी. सहकार भारती प्रांतीय पदाधिकारी बसंत पुरोहित ने कहा कि सहकारिता से ही देश का भला हो सकता है। हमारी पुरातन संस्कृति में परिवार संचालन सहकारिता के सिद्धांतों पर ही निर्भर है। जब तक एक कार्य के लिए सभी लोग एकराय होकर कार्य नहीं करेंगे, तब तक वह कार्य पूर्ण नहीं हो सकता है।
श्री पुरोहित रविवार को अस्पताल चौराहा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित सहकार भारती के जिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक पुरुषोत्तम गौतम ने की, जबकि अन्य अतिथियों के रूप में संभागीय संगठन प्रमुख मुन्नालाल गुप्ता श्योपुर से इसमें शरीक हुए।
मुख्य वक्ता के रूप में श्री पुरोहित ने कहा कि डेनमार्क में 10 लोगों ने डेयरी उद्योग स्थापित कर सहकारिता को शुरू किया था। यह सहकारिता ही डेनमार्क की उन्नति का मूलभूत आधार बनी। उन्होंने बताया कि 1978 में महाराष्ट्र में सहकार भारती का कार्य आरंभ किया गया था। 1995-96 में मप्र में इसका कार्य शुरू हुआ और मैंने 2001 में श्योपुरकलां में पहली बैठक ली।
उन्होंने कहा कि सहकारिता एक परिवार की तरह है। इसमें सभी लोग मिलकर प्रयास करते हैं और इससे ही देश की उन्नति संभव है। संभागीय संगठन प्रमुख मुन्नालाल गुप्ता ने सहकार भारती के इतिहास की जानकारी देते हुए जिले में इसका कार्य तेज करने पर बल दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री गौतम ने बताया कि हमने सहकारिता किसी से ली नहीं है, बल्कि हमारे देश में ईसा पूर्व से ही सर्वे भवंतु, सर्वे सुखन: की धारणा प्रचलित रही है। इसके तहत सभी का सुख की कल्पना की गई है और यह सहकारिता से ही संभव है। उन्होंने कहा कि भारत ने ज्ञान, खोज और सिद्धांत किसी से लिए नहीं हैं, बल्कि दिए हैं । सम्मेलन का संचालन राजेन्द्र बिरथरे जिला संगठन प्रमुख और प्रांतीय प्रचार प्रसार प्रमुख ने किया। जबकि अतिथियों का आभार प्रदर्शन जिला सहकार भारती के जिलाध्यक्ष कृष्णगोपाल अग्रवाल ने किया। सम्मेलन में जूनियर चेंबर इंटरनेशनल आफ इंडिया के जिलाध्यक्ष दिलीप मुदगल, शीतलचंद मिश्रा,ओमप्रकाश जैन ओमी,धनीराम रावत आदि समेत बड़ी संख्या में सहकारिता से जुड़े लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराई।