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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर.
10 दिन की सुनैना के पैरेंट्स ने उसे जन्म के तोहफे में पैन कार्ड, बैंक अकाउंट और बीमा पॉलिसी गिफ्ट की। आम गिफ्ट से हटकर कुछ उपयोगी देने की चाह के कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
आजकल पेरेंट्स बच्चों को गिफ्ट में बॉर्बी या फिर वीडियो गेम की जगह पॉलिसी और बैंक अकाउंट देना पसंद कर रहे हैं। सुनैना के माता-पिता से प्रभावित होकर कई अन्य लोगों ने भी इस ओर सोचना शुरू कर दिया है।
जरूरी है भविष्य सुरक्षित करना
दिनोंदिन बढ़ती महंगाई के कारण पैरेंट्स अपने बच्चों के भविष्य के प्रति ज्यादा जागरूक हो रहे हैं। अधिकतर पैरेंट्स उन्हें पॉलिसी और बैंक अकाउंट गिफ्ट कर रहे हैं, ताकि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके। इससे बच्चों की उच्च शिक्षा की भी चिंता नहीं रहेगी।
किटी में बनाई प्लानिंग
डीडीनगर निवासी अवंतिका शाह कहती हैं कि बेटे (स्वपनिल) के सुरक्षित भविष्य के लिए अपने साथ उसकी भी पॉलिसी ली है। एक वर्ष का होने पर ही उसका बैंक अकाउंट खुलवा दिया था। अब मैं पैन कार्ड बनवाने के बारे में सोच रही हूं। किटी में मेरे ग्रुप की सभी मॉम्स ने अपने बच्चों की पॉलिसी के लिए प्लानिंग की है।
चिंता होगी खत्म
पल्लवी माहेश्वरी ने भी अपने बेटे (श्लोक) की पॉलिसी ली है। वे कहती हैं इसमें उसके भविष्य के साथ स्वास्थ्य भी कवर होगा। अगले बर्थडे तक मैं उसे पैन कार्ड गिफ्ट करूंगी। उनके अनुसार हर पैरेंट्स को इस तरह के गिफ्ट के बारे में सोचना चाहिए, जिससे वे भी चिंतामुक्त हो सकेंगे। जिन्होंने नहीं सोचा है, वे अभी सोच लें।
समय पर पूरी देखभाल
अब वह समय नहीं रहा जब बच्चों के बड़े होने का इंतजार किया जाता था। मेघना गुप्ता बताती हैं अब तो पैरेंट्स बच्चे के जन्म से पहले ही पूरी फाइनेंशियल प्लानिंग कर लेते हैं। मैंने भी बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए इन्वेस्टमेंट किया है। पैन कार्ड तो नहीं, लेकिन जल्द ही कोई अच्छी पॉलिसी लेने के बारे में सोच रही हूं।
जल्द दूंगी तोहफा
सुरभि सेठी का कहना है कि उन्होंने किसी पॉलिसी या अकाउंट की ओर अभी तक तो ध्यान नहीं दिया, लेकिन जल्द ही दूंगी। वे कहती हैं जबसे उन्होंने सुनैना के तोहफे के बारे में सुना है, तभी से मैंने सोच लिया था कि जल्द ही अपने बच्चों (अनीश और सिद्धार्थ) के सुरक्षित भविष्य के लिए उन्हें भी ऐसा तोहफा दूंगी। इससे उसकी पढ़ाई के साथ बिजनेस का फ्यूचर भी सिक्योर हो जाएगा।
बड़े से बड़ा खर्च आए बजट में
चार्टर्ड अकाउंटेंट अभय गुप्ता बताते हैं तेजी से बदलती दुनिया में पैरेंट्स की सोच में भी काफी बदलाव आ रहा है। बच्चों की एजुकेशन और क्वालिटी लाइफ के मामले में वे बिलकुल भी समझौता नहीं करना चाहते।
पैरेंट्स की इच्छा रहती है कि उनका बच्चा जिस भी फील्ड में काम करना चाहे उसमें एक्सपर्टाइज हासिल करें, लेकिन हायर एजुकेशन का खर्च बजट पर भारी पड़ सकता है, इसलिए सही समय पर प्लानिंग की जाए तो बड़े से बड़ा खर्च बजट में आ सकता है। इसके लिए म्यूचुअल फंड्स, बैंक अकाउंट और पॉलिसी में इन्वेस्ट करना बेहतर है।