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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में आगामी दिनों में 3383 ई- सुविधा केंद्रों की स्थापना होगी। गांव-गांव में केंद्र खुलने से लोगों को जानकारी व सुविधा के लिए शहर आकर दफ्तरों के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। वहां उन्हें 32 प्रकार की विभिन्न सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा पूरे देश में 1 लाख ई-सुविधा केंद्रों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। छत्तीसगढ़ व मध्यप्रदेश में इन केंद्रों की स्थापना की जिम्मेदारी आईसेक्ट को दी गई है। राज्य सरकार की ई-गवर्नमेंस परियोजना के तहत केंद्रों की स्थापना चयन प्रक्रिया के आधार पर होगी। केंद्रों में नागरिकों को बैंक, कृषि ऋण, बीमा, इंटरनेट, गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के साथ ही कंप्यूटरीकृत खसरा, नक्शा व बी-वन की जानकारी मिलेगी। मांगने पर प्रिंट आउट भी उन्हें मिल जाएगा।
2006 में ई-गवर्नमेंस पुरस्कार प्राप्त आईसेक्ट प्रदेशभर के प्रशिक्षित व अनुभवी युवाओं का चयन कर उन्हें केंद्र बनाने की जिम्मेदारी सौंपेगा। केंद्रों में बीएसएनएल सहित अन्य प्राइवेट संचार कंपनियों की मदद से इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना का उद्देश्य गांव-गांव में सरकार की योजनाओं व अन्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी पहुंचाना है। छह गांव के पीछे एक केंद्र होगा। चार साल के भीतर ही सभी केंद्र खोल लिए जाएंगे।
आईसेक्ट के राज्य समन्वयक शैलेष पांडेय ने बताया कि पहले ही संस्थान द्वारा आदिवासी छात्रावास, रोजगार कार्यालय, पंचायत विभाग और कुशाभाउ ठाकरे जन विकास योजना के अंतर्गत युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। देशभर में संस्थान के छह हजार से अधिक केंद्र हैं, जहां कंप्यूटर प्रशिक्षण व ट्रेनिंग दी जाती है।
ई-सुविधा केंद्र की स्थापना के लिए डा. सीवी रमन सहित राज्य की अन्य यूनिवर्सिटी की मदद ली जाएगी। ई-सुविधा केंद्र की स्थापना को लेकर मैदानी तैयारी शुरू कर दी गई है। जल्दी ही प्रतिभावान युवाओं का चयन शुरू किया जाएगा। इंटरनेट की सुविधा प्राप्त करने के लिए निजी कंपनियों से चर्चा शुरू कर दी गई है।