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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. सरपंच की हत्या से नाराज किरारी के ग्रामीणों ने आरोपियांे की गिरफ्तारी की मांग पर रविवार को भी चक्काजाम कर दिया। हत्या के बाद से ही पूरे क्षेत्र में माहौल तनावग्रस्त है।
रविवार की सुबह सिम्स में मृतक का पोस्टमार्टम किया गया। लगभग चार घंटे चली पीएम की प्रक्रिया में शव से एक गोली मिली। गांव में शव पहुंचने के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ। रविवार की रात बड़ी संख्या में ग्रामीण एक बार फिर थाने पहुंच गए और जमकर हंगामा मचाया। इधर मामले के चश्मदीद गवाह के गोलमोल बयान से पुलिस उलझन में है। शनिवार की रात किरारी सरपंच कलेश्वर सुमन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
रविवार सुबह लगभग 9:30 बजे उनका शव पीएम के लिए अपोलो अस्पताल से सिम्स लाया गया। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद तकरीबन 10:30 बजे पीएम शुरू हुआ। इस बीच सिम्स में गहमागहमी की स्थिति बन गई थी। बड़ी संख्या में ग्रामीण मरचुरी के बाहर जमा हो गए थे। मस्तूरी क्षेत्र के कुछ नेता भी समर्थकों के साथ वहां मौजूद थे। डाक्टरों की टीम ने पीएम शुरू किया, पर काफी देर जांच करने के बाद शव की कमर के पास फंसी एक ही गोली डाक्टरों को मिली। लाश मंे चार स्थानों पर जख्म था।
शव में और भी गोली फंसी होने की आशंका पर एक बार फिर पूरे शरीर की जांच की गई, पर कोई गोली नहीं मिली। संवेदनशील मामला होने की वजह से डाक्टर कोई संशय नहीं रखना चाहते थे। इस वजह से शव को एक्स-रे के लिए भेजा गया। एक्स-रे रिपोर्ट में भी अंदर गोली होने की बात सामने नहीं आई। इस पर डाक्टरों ने शव का सीटी स्केन करवाया।
सीटी स्केन की रिपोर्ट में भी कोई जानकारी न मिलने पर डाक्टर आश्वस्त हो गए कि अंदर कोई गोली नहीं फंसी है। इसके बाद डाक्टरों ने शव को परिजन के सुपुर्द कर दिया। पूरी प्रक्रिया मे दोपहर ढाई बज गए। फिर परिजन शव को लेकर गांव के लिए रवाना हुए। गांव में तनावग्रस्त माहौल को देखते हुए बड़ी संख्या मंे पुलिसकर्मियांे की डच्यूटी लगा दी गई है। आसपास के सभी थानों से बल बुलवाया गया है। साथ ही पुलिस के आला अधिकारी भी मस्तूरी में ही डटे हुए हैं।
तीन मीटर दूर से चली गोली: पोस्टमार्टम के बाद जख्म को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि गोली तीन मीटर या इससे भी पास से चलाई गई है। कमर में लगी गोली अंदर धंस गई थी, जबकि पेट मे लगी एक गोली दूसरी ओर से बाहर निकल गई थी। गोली का खोखा घटनास्थल के पास ही मिला है। पुलिस के अनुसार दो ही गोलियां चलाई गई थीं। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि तीन गोलियां चलाई गईं। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
साथ था, पर कुछ नहीं देखा: कलेश्वर अपने मित्र के साथ मस्तूरी गया था। रात लगभग 8 बजे दोनों साथ ही गांव वापस लौट रहे थे। दोनांे अपनी साइकिल हाथ में पकड़कर पैदल चल रहे थे। जब वे गांव के तालाब के पास पहुंचे, तो अचानक बिजली चली गई। इस बीच अंधेरे से किसी ने गोलियां चलाईं।
इस पूरे घटनाक्रम में कलेश्वर के साथ मौजूद उसके मित्र द्वारा किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार करना संदेह को जन्म देता है। यदि अंधेरे की वजह से वह हमलावरों को देख नहीं पाया, तो कम से कम उनकी संख्या, कितने फायर हुए, हमलावर किस साधन से आए थे आदि के बारे में कोई जानकारी न होना पुलिस को खटक रहा है। जब दोनों एक साथ ही चल रहे थे और आरेपियों ने अंधेरे में गोलियां चलाईं, तो सभी गोलियां केवल कलेश्वर को ही लगना भी संदेहास्पद है। मामले में संदेहियांे को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
राजनीति का शिकार हुआ कलेश्वर: कलेश्वर की हत्या का स्पष्ट कारण अब तक सामने नहीं आया है, पर माना जा रहा है कि राजनैतिक कारणों से उसकी हत्या की गई है। वह पिछले 10 वर्षो से गांव का सरपंच था। 10 वर्ष पहले वह गांव का उपसरपंच था। तत्कालीन सरपंच को एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। तब से उसने गांव की सरपंची संभाल ली। पांच साल पहले हुए चुनावों मंे ग्राम किरारी को सामान्य सीट घोषित कर दिया गया। इस पर सामान्य वर्ग के कुछ लोगों की नजर सरपंच के पद पर थी, पर अनुसूचित जाति से संबंधित होने के बावजूद कलेश्वर अपनी लोकप्रियता की वजह से चुनाव जीत गया। जिस व्यक्ति के साथ शनिवार की रात वह मस्तूरी गया था, वह भी चुनाव में कलेश्वर के विपक्ष मंे खड़ा था और उसकी हार हुई थी।
आरोपियांे की गिरफ्तारी के लिए आज दोपहर का अल्टीमेटम: कलेश्वर मस्तूरी ब्लाक के सरपंच संघ का अध्यक्ष था। हत्या से आक्रोशित ब्लाक के सभी सरपंच और नेतागण रविवार की शाम थाने पहुंचे। उन्होंने एसपी विवेकानंद सिन्हा को ज्ञापन सौंपकर आरोपियांे की गिरफ्तारी के लिए सोमवार की दोपहर 1 बजे तक का अल्टीमेटम दिया है। इस समय तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर उन्होंने अनिश्चितकालीन चक्काजाम और प्रदर्शन की शुरुआत करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन सौंपने वालों में मदनलाल टंडन, विजय अंचल, दुर्गा सहाय अवस्थी, पवन भास्कर, नकुल बंजारे, बृजनंदन टंडन, संतोष साहू सहित बड़ी संख्या मंे लोग शामिल थे।
सिम्स में फिर मचा हंगामा
रविवार सुबह जब शव को पीएम के लिए सिम्स लाया गया, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मरचुरी के बाहर जमा हो गए। जब पीएम की प्रक्रिया लंबी चली, तो नागरिकों ने बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वहां अतिरिक्त पुलिस बल बुलवा लिया गया था। कुछ ग्रामीणांे ने हंगामा मचाना शुरू भी कर दिया था, पर पुलिस व वहां मौजूद बुजुर्गो ने उन्हें समझाइश दी, जिससे स्थिति ज्यादा बिगड़ नहीं पाई।
कांग्रेसियों ने की जांच की मांग
गोलीकांड के सिलसिले में कांग्रेसियों ने घटना की जांच की मांग करते हुए चुनाव के पूर्व हुई इस तरह की वारदात को गंभीर माना है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष वाणी राव एवं जिला इंटुक के अध्यक्ष शाजी मेथ्यू ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि पर इस तरह गोलीचालन कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है। इस मामले में उन्होंने अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
एक घंटे चला चक्काजाम
रविवार, दोपहर 2:30 बजे तक भी जब सरपंच की लाश गांव वापस नहीं पहुंची, तो नाराज ग्रामीणों ने एक बार फिर मेन रोड में चक्काजाम कर दिया। ग्रामीण पीएम में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगा रहे थे। साथ ही वे तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। दोपहर लगभग 3:30 बजे शव गांव पहुंचा। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। शाम लगभग 7:30 बजे ग्रामीणों की भीड़ एक बार फिर आरोपियों की गिरफ्तारी करने के लिए नारेबाजी करते हुए थाने पहुंच गई। कुछ देर हंगामा मचाने के बाद वे पुलिस को ज्ञापन सौंपकर वापस लौट गए। घटना की वजह से पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त है।