भोपाल. यह बच्चे तीन साल और आपके साथ रहेंगे, इन्हे संतुष्ट रखने का हर प्रयास करें। जिसने भी ज्यादा फीस ली है, वे तुरंत वापस करें। कमेटी द्वारा तय करने के पहले किसी ने भी एरियर वसूला तो उसे कैपिटेशन फीस वसूली का अपराधी माना जाएगा और उसके लिए एक्ट के अनुसार दंड दिया जाएगा।
कुछ इस अंदाज में प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति के अध्यक्ष पीएल चतुर्वेदी ने कालेज संचालकों को फटकार लगाई। सोमवार को फीस कमेटी ने दस से ज्यादा ऐसे कालेजों के संचालकों को तलब किया, जिनके छात्र अधिक फीस वसूली के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं।
लगभग एक सप्ताह से चल रहे इस आंदोलन में पहली बार सोमवार को छात्रों की कमेटी और अध्यक्ष की आमने सामने बात हुई। कमेटी अध्यक्ष से मिलने के बाद छात्रों के प्रतिनिधि मंडल ने भी आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की है। कमेटी ने छात्रों को किसी भी तरह का शोषण न होने देने के लिए आश्वस्त किया है।
पूरी बैठक के दौरान कालेज संचालक मौन धारण करे बैठे रहे, किसी ने भी कमेटी अध्यक्ष द्वारा कही जा रही बातों का प्रतिवाद नहीं किया। कमेटी अध्यक्ष ने संचालकों से स्पष्ट कह दिया है कि अगर फीस में कोई अंतर आपकी ओर निकलता है तो उसे वापस करने के लिए संतोषजनक रास्ता अपनाएं और अगर छात्र से लेना है तो उदारता के साथ लें।
छात्र पहुंचे कमेटी के सामने: बैठक के तुरंत बाद कुछ कालेजों के छात्र कमेटी कार्यालय जा पहुंचे और कमेटी अध्यक्ष को लिखित में अपनी समस्याएं दीं। कमेटी अध्यक्ष ने हर छात्र की पूरी बात सुनी। इस चर्चा के बाद सभी छात्र संतुष्ट होकर चले गए और कमेटी अध्यक्ष की अपील पर मंगलवार से कक्षाओं में जाने की सहमति भी दी। यह कहा कालेज संचालकों ने: एरियर की वसूली के लिए छात्रों को कोई नोटिस नहीं दिया। चुनावी साल है, इसलिए छात्र बहकावे में आकर आंदोलन कर रहे हैं, कोई समस्या नहीं है। छात्र प्रबंधन की बात सुनने के बजाए दूसरे कालेजों के छात्रों से फीस की राशि सुन कर उग्र हो रहे हैं। आंदोलन वे छात्र ही कर रहे हैं, जो कई पचोर्ं में फेल हो गए है और सेमेस्टर बैक होने की स्थिति बन रही है।
छात्रों ने की शिकायतें: रसीद पर अन्य मदों का उल्लेख नहीं। सत्र 07-08 और 08-09 की फीस के साथ अन्य मद वसूल किए गए और नई फीस तय होने पर इनकी भी वसूली निकाल दी। सत्र 07-08 और 08-09 की फीस का एरियर एक साथ देने का दबाव। बैंक ऋण लेने के लिए दिए गए फीस विवरण से वसूली जा रही फीस काफी ज्यादा। अंतरिम फीस में बढ़ोत्तरी मंजूर नहीं।
यह संचालक तलब : एनआरआई, पटेल, सागर , आईईएस, श्री, आल सेंटस, चमेली देवी, श्रीराम जबलपुर, मेडिकेप्स इंदौर, आईआईएसटी इंदौर।
ऐसे की जा रही वसूली : पिछले साल की अंतरिम फीस 23 हजार से 31 हजार के बीच तय की गई थी, लेकिन इसके साथ कालेजों ने कई मदों के नाम पर भी काफी राशि वसूली। पिछले साल की अंतरिम फीस और इस बार तय की गई फीस में दस हजार से ज्यादा का अंतर नजर आ रहा है।
जो वास्तविकता में छात्रों पर अतिरिक्त बोझ नहीं है, क्योंकि लगभग हर कालेज के छात्र इस बार तय की गई फीस से ज्यादा राशि पहले ही दे चुके हैं। कमेटी द्वारा लगाए जा रहे एरियर का हिसाब सामने आने पर 90 प्रतिशत कालेजों को छात्रों से एरियर वसूलने के बजाए उन्हे राशि लौटाना भी पड़ सकता है। कमेटी ने दी हिदायतें : सत्र 07-08 और 08-09 से पहले के छात्रों पर नई फीस किसी भी सूरत में लागू नहीं की जा सकती। पहले दो साल तक प्लेसमेंट शुल्क नहीं। तीसरे साल के छात्रों से प्लेसमेंट शुल्क लेने से पहले रजिस्ट्रेशन करें और रजिस्टर्ड छात्रों से ही वसूलें।
तय फीस के अलावा एक रुपया भी नहीं लिया जा सकेगा। जब तक एरियर तय न हो तब तक, इस सत्र के लिए भी पिछले साल की अंतरिम फीस ही ली जाए। कालेज या कमेटी द्वारा की जा रही व्यवस्था से असंतुष्ट छात्र अपील प्राधिकरण को शिकायत करें। यहां न्यायिक व्यवस्था से वकील के खर्च के बगैर न्याय दिए जाने की व्यवस्था है।