भोपाल.
पवित्र रमजान-उल-मुबारक की सोमवार से इब्तिदा हो गई। फलक पर शाम सात बजकर दस मिनट पर चांद ने जैसे ही अपनी झलक दिखाई, लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। शहर काजी अब्दुल लतीफ खान कासमी ने चांद दिखने का ऐलान किया।
शहरवासियों को इसकी जानकारी परंपरागत रूप से गोले छोड़कर दी गई। मंगलवार को मुस्लिम बंधु रमजान का पहला रोजा रखेंगे। सोमवार रात में खरीद-फरोख्त के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा।
शाम होते ही मुस्लिम समाज के लोग चांद दिखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। मगरिब की नमाज के बाद शहर काजी अब्दुल लतीफ खान कासमी और रूअते हिलाल कमेटी के सदस्य चांद देखने के लिए इकट्ठा हुए। इंतजार की घड़ियां शाम सात बजकर दस मिनट पर खत्म हुईं, जब आसमान पर चांद की झलक दिखी। शहर काजी ने तत्काल नायब मुफ्ती व उलेमाओं आदि से चर्चाकर चांद दिखने की तस्दीक की। बाद में उन्होंने इसका ऐलान किया।
ऐलान होते ही गोले छोड़कर माहे रमजान के आगाज की शहरवासियों को सूचना दी गई। लोगों को जैसे ही चांद दिखने का पता चला, उनमें खुशी की लहर दौड़ गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को माहे रमजान की मुबारकबाद दी। यह सिलसिला समूचे शहर में चलता रहा। चांद दिखने के बाद पुराने शहर में रतजगे का नजारा देखने को मिला।
तरावीह शुरू: नमाज-ए-इशा के बाद मस्जिदों में तरावीह हुई। तरावीह (नमाज अदायगी के दौरान हाफिज से कुरान को कंठस्थ रुप में सुनना) का सिलसिला रमजान के आखिरी अशरे तक चलेगा। शहर की बड़ी-छोटी मस्जिदों में तीन, पांच, सात, दस और कहीं सत्ताइस दिन की तरावीह का एहतेमाम किया गया है।
बाजारों में भीड़: चांद दिखते ही पुराने शहर के इब्राहिमपुरा, चौक, लखेरापुरा, लोहा बाजार, जुमेराती इतवारा व मंगलवारा आदि बाजार रात नौ बजे तक भीड़ से ठसाठस भर गए थे। सेहरी के लिए लोग जरूरी समान खरीद रहे थे। सिवइयां, खजूर, बिस्किट, ब्रेड, टोस्ट, दूध, सूखा मेवा समेत रोजमर्रा की सामग्री की दुकानों पर खाफी भीड़ रही। सिवइयों की बिक्री सबसे अधिक हुई।