जयपुर.
श्रीलंका में टीम इंडिया की ऐतिहासिक वनडे सीरीज जीत में अहम भूमिका निभाने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस साल अब तक सबसे सफल बल्लेबाज हैं।
वनडे और टी-20 शैली में टीम इंडिया की कप्तानी संभाल रहे माही ने 24 मैचों में 63.66 की शानदार औसत से 955 रन बनाए हैं। इससे स्पष्ट है कि कप्तानी का उनकी बल्लेबाजी पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। गेंदबाजों में श्रीलंका के युवा स्पिनर अजंता मेंडिस नंबर एक पर हैं। मेंडिस ने 13 मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 33 विकेट लिए हैं। 13 रन पर छह विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
‘धोनी को ही टेस्ट कप्तान बनाया जाए’: पूर्व क्रिकेटरों के अनुसार धोनी अब टेस्ट कप्तानी के लिए भी तैयार हैं और चयनकर्ताओं को उन्हें यह जिम्मेदारी दे देनी चाहिए। चयन समिति के पूर्व प्रमुख किरण मोरे ने कहा कि धोनी टेस्ट टीम की कमान संभालने के लिए तैयार हैं। उन्हें जब भी कोई जिम्मेदारी दी गई है, वे हमेशा सफल रहे हैं।
वे बतौर बल्लेबाज, बतौर विकेटकीपर और बतौर कप्तान हर भूमिका में सफल रहे हैं। उन्हें खिलाड़ियों का भी पूरा समर्थन हासिल है,चयनकर्ताओं को टेस्ट कप्तान में और क्या गुण चाहिए। पूर्व भारतीय कोच व ऑल राउंडर मदनलाल ने कहा कि टेस्ट कप्तान चुनने के लिए केवल अनुभव पर ही ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए।
चयनकर्ताओं को यह भी देखना चाहिए कि कप्तान के रूप में वो खिलाड़ी दबाव झेल पाएगा या नहीं, खिलाड़ियों को प्रेरित कर सकेगा या नहीं और टीम भावना में उसकी क्या भूमिका रहेगी।
मैं अनिल कुंबले की बेइज्जती नहीं कर रहा हूं, लेकिन हकीकत है कि अब उन्हें टेस्ट कप्तानी छोड़ देनी चाहिए।