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दूध के भाव पर फटे संगठन

इंदौर. भाव को लेकर दूध विक्रेता और उत्पादकों के विभिन्न संगठन आपस में उलझ गए हैं। एक संगठन का कहना है हम दाम कम करना चाहते थे लेकिन अन्य के दबाव में बढ़ाना पड़े। उधर, उपभोक्ता परेशान है कि दूध किस दाम खरीदे। प्रशासन मूकदर्शक की भूमिका में है।

रविवार को दूध विक्रेताओं एवं उत्पादकों से जुड़े विभिन्न संगठनों ने छह महीने के लिए अलग-अलग दाम घोषित किए। इन पर प्रशासन का सीधा नियंत्रण भी नहीं इसलिए कोई भी दूध का भाव बताने की स्थिति में नहीं, जितने मुंह उतनी बातें।

इंदौर दुग्ध संघ(सांची) के एजीएम मार्केटिंग कपिल रोकड़े व के.के. माहेश्वरी ने बताया हमारा नियंत्रण अपने नेटवर्क तक ही है। हम किसानों को एसएनएफ(सॉलिड नॉन फैट, प्रोटीन) प्रतिशत के आधार पर दाम चुकाते हैं जबकि खुले बाजार में विक्रेता ऐसे किसी मापदंड का पालन नहीं करते। उधर, खाद्य विभाग दूध की गुणवत्ता तो जांच सकता है लेकिन दाम तय करने में उसका कोई दखल नहीं। एडीएम रमेश भंडारी बताते हैं दूध के दाम विक्रेता और उत्पादक ही तय करते हैं, हमारा कोई नियंत्रण नहीं।

उफनते बयान
18 रुपए करना चाहते थे : दुकानों पर दूध 19 और बंदी में 20 रुपए लीटर बिकेगा। हम 18 रुपए पर सहमत थे लेकिन दूसरे संगठन के दबाव में नहीं घटा पाए।
- ईश्वर जोशी, अध्यक्ष, दूध व्यवसायी संघ

20 रुपए ही मिलेगा : आम लोगों को दूध 20 रुपए लीटर ही मिलेगा। दूध व्यवसायी दाम कम रखकर किल्लत बनाए रखना चाहते हैं ताकि उन्हें मिलावट करने का मौका मिले।
- भारत मथुरावाला, अध्यक्ष , इंदौर दूध विक्रेता संघ

लागत ही 22 रुपए : दूध की लागत ही 22 रुपए लीटर हो गई है, 20 रुपए में कैसे दें। विक्रेता तो कमीशन के अलावा दो रुपए लीटर डिलीवरी चार्ज भी लेते हैं, जबकि खर्च 50 पैसे होते हैं।
- राकेश शुक्ला, अध्यक्ष, इंदौर दूध उत्पादक संघ

उत्पादक को 20 रुपए मिले : भाव तो उत्पादक ही तय करेंगे। उन्हें 20 रुपए प्रति लीटर मिलना ही चाहिए। विक्रेता 9 रुपए लीटर का सप्रेटा 22 रुपए में बेच रहे हैं।
- कन्हैयालाल यादव, महामंत्री, जिला दूध उत्पादक संघ

चाहिए छह लाख लीटर रोज
>> शहर में हर दिन लगने वाले पांच-छह लाख लीटर दूध में से सांची 60-70 हजार लीटर ही उपलब्ध करा पाता है।
>> अमूल 10 हजार लीटर और सौरभ करीब पांच हजार लीटर थैलीबंद दूध सप्लाय करता है।

जितने संगठन, उतने दाम
>> सांची दूध की अलग-अलग किस्म के दाम 19 से 24 रुपए प्रति लीटर है। अन्य थैलीबंद दूध भी इसके आसपास हैं।
>> दूध विक्रेता संघ के 10 हजार सदस्य बंदी बांटते हैं। उसने 20 रुपए लीटर दाम घोषित किए।
>> मप्र दूध व्यवसायी संघ ने 19 रुपए लीटर दाम बताए। इसमें डेयरी व छोटी-बड़ी दुकानों पर दूध बेचने वाले शामिल हैं।
>> भारतीय किसान संघ ने 23 रुपए लीटर घोषित किए। हालांकि इसका अन्य किसी ने समर्थन नहीं किया।
>> दूध उत्पादक संघ लंबे समय से 24 रुपए लीटर की मांग उठा रहा है। इसमें पशुपालक भी शामिल हैं।

तर्क भाव उबलने के
>> सालभर पहले अच्छी नस्ल की भैंस 20 हजार में आती थी जो 35-40 हजार रुपए की हो गई।
>> खली (पशु आहार) 640-700 से बढ़कर 900 से 1,000 रुपए कंिवटल हो गया।
>> भूसा भी छह महीने में 300-350 से 550 रुपए पहुंच गया
। >> बारिश की कमी के कारण घास भी पर्याप्त नहीं उगी।
>> दूध उत्पादन की लागत ही 18-20 रुपए लीटर हो गई है। परिवहन व्यय और विक्रेता का कमीशन अलग।





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