इंदौर. बियाबानी में रविवार को चंदे के लिए व्यापारियों पर हमले और दुकान में तोड़फोड़ की रिपोर्ट थाने में दर्ज नहीं होने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने जमकर फटकार लगाई। उसका असर हुआ वारदात के बाद हुआ ‘राजीनामा’ अचानक ‘एफआईआर’ में तब्दील हो गया, वह भी नामजद।
इस घटनाक्रम के बाद ‘भास्कर’ ने छत्रीपुरा थाना क्षेत्र की पड़ताल की तो पाया वहां चंदाखोरी या अवैध वसूली, अवैध शराब और सट्टा जोरों पर है, जिसे पुलिसिया संरक्षण भी हासिल है।
गुंडे सरेआमगोली मारने की धमकी दे डालते हैं और पुलिस कुछ नहीं करती इसलिए लोग थाने भी नहीं जाते। रविवार को व्यापारी संजय और संदीप माटा पर हमले के बाद चंदा मांगने वाले युवक और उनके आका भी छत्रीपुरा थाने पहुंच गए थे। वहां टीआई की मौजूदगी में व्यापारियों को पीटा और रिपोर्ट लिखाने के बाद होने वाले हश्र को लेकर धमकाया। उनके दबाव के चलते रिपोर्ट भी नहीं लिखी गई।
मामला एसपी आरके चौधरी और एडीशनल एसपी मनोजसिंह के पास पहुंचा तो टीआई को तलब कर चंदाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उसके बाद माटा बंधु थाने पहुंचे तो उन्हें सम्मान दिया, घटनाक्रम सुना और संजय राठौर, कपिल राठौर, विजय देवड़ा, घनश्याम देवड़ा, अम्बरीष राठौर व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया। रविवार रात को भी गुंडों ने श्री माटा को धमकाया था कि रिपोर्ट की तो कल से क्षेत्र में गोलियां चलेंगी।
चंदा या अवैध वसूली
व्यापारियों ने बताया वे हर त्योहार पर चंदा देते हैं लेकिन गुंडे हर बार ज्यादा राशि मांगते हैं। मना करें तो जान से मारने की धमकी भी देते हैं। उनकी होली, रंगपंचमी, गणोश चतुर्थी, नवदुर्गा उत्सव सहित अनेक आयोजन जबर्दस्ती के चंदे पर ही निर्भर हैं जिसकी वसूली चाकू की नोक पर किया जाता है। पिछले साल विरोध करने पर एक व्यापारी को चाकू घोंप दिया था। उस गुंडे को जिलाबदर भी किया गया लेकिन गुंडागर्दी घटी नहीं।
शराब को लेकर गैंगवार, हत्याएं
बियाबानी और साथ लगे कंजर मोहल्ले में अवैध शराब का धंधा और गैंगवार लंबे समय से चल रही है। इसमें अभी तक पांच हत्याएं हो चुकी है। कुछ महीने पहले इसी कड़ी में एक गुंडे की जिला जेल परिसर में हत्या कर दी गई थी। महिलाएं भी हत्याओं की आरोपी हैं।
20 परिवारों की महिलाएं-बच्चे तक अवैध शराब के धंधे में शामिल हैं। जानकारी तो आबकारी के साथ पुलिस विभाग को भी है लेकिन बिगड़ता कुछ नहीं। जानकार बताते हैं इस अवैध धंधे की आमदनी का बड़ा हिस्सा थाने के पुलिसकर्मियों तक पहुंच जाता है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बनाई दबिश की योजना की जानकारी भी गुंडों तक पहुंच जाती है। भाजपा समर्थित कहे जाने वाले दो लोग खुलेआम सट्टा भी चलाते हैं।
पूरी तरह के बिका हुआ है थाना
लोगों ने कहा थाना पूरी तरह शराब माफियाओं और सटोरियों के हाथों बिका हुआ है। हम कोई नाम बताकर मुसीबत मोल लेना नहीं चाहते। गुपचुप शिकायत करने जाएं तो पुलिस कहती है आप फरियादी बनें तो कार्रवाई करेंगे। खानापूर्ति के लिए कुछेक गुंडों को जिलाबदर भी किया लेकिन हकीकत सामने है।