कोटा/जयपुर. जयपुर बम धमाकों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने रविवार रात राज्य में सिमी की कमान संभालने वाले व पूर्व में कोरग्रुप के मुखिया रहे मुनव्वर सहित चार अन्य पदाधिकारियों को पकड़ा।
सभी को राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलग्न होने के आरोप में विधि विरुद्घ क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया। पकड़े गए अन्य लोगों में सिमी का सचिव अतीक उर्फ अतीउर्रहमान, नदीम व बारां निवासी इलियास शामिल हैं। सोमवार को एसआईटी ने सभी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 11 दिन के रिमांड पर सौंपा गया।
एसआईटी के डीआईजी ए.पोन्नूचामी के अनुसार बम विस्फोट की जांच में सामने आया कि सिमी पर प्रतिबंध लगने के बाद साजिद मंसूरी उर्फ सज्जाद उर्फ साद उर्फ सलीम निवासी सूरत वर्ष 2002 में परिवार सहित कोटा आया था। यहां वह सलीम के नाम से 2006 तक रहा। साजिद ने देश विरोधी गतिविधियां चलाने के लिए कोर ग्रुप का गठन किया था। इसका मुखिया मुनव्वर को और अतीक उर्फ अतीउर्रहमान को सचिव व राजा उर्फ इमरान को कोषाध्यक्ष बनाया था।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले मुनव्वर ने 22 अगस्त को नाटकीय ढंग से पाटनपोल पुलिस चौकी में समर्पण कर दिया था। बाद में पुलिस पूछताछ के लिए उसे जयपुर लाया गया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया था।
मेवाड़ से जुड़े धमाकों के तार
राजसमंद. जयपुर और अहमदाबाद धमाकों के तार अब मेवाड़ से जुड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। धमाकों के आरोप में पकड़े गए लोगों के मोबाइल कॉल डिटेल्स के आधार पर पुलिस सोमवार को राजसमंद जिले में रेलमगरा कस्बे के निवासी एक व्यक्ति को अहमदाबाद ले गई है। इस क्षेत्र के तीन लोगों से एक दिन पहले जयपुर क्राइच ब्रांच की टीम ने भी पूछताछ की थी।