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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह आगामी विधानसभा चुनाव किस सीट से लड़ेंगे, यह अनिश्चितता बरकरार है। उनके कवर्धा, राजनांदगांव शहर के अलावा रायपुर पश्चिम से चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
जिस वक्त भाजपा ने डा. सिंह को मुख्यमंत्री बनाया, वे राजनांदगांव के सांसद थे। सीएम बनने के बाद उन्होंने लोकसभा सीट छोड़ी और डोंगरगांव से विधानसभा उपचुनाव लड़ा। यह सीट भाजपा के प्रदीप गांधी ने खाली की थी, जो बाद में राजनांदगांव के सांसद बने और सवाल पूछने के लिए रिश्वत के आरोप में हटा भी दिए गए।
यह तो थी पिछले बार की बात, इस बार डा. सिंह को लेकर सिर्फ अटकलें हैं। भाजपा में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। संगठन से जो बातें निकल रही हैं, उनका सार यही है कि कई टिकटें लगभग तय हैं। लेकिन हर कोई जानना चाह रहा है कि मुख्यमंत्री कहां से चुनाव लड़ेंगे?
यह उत्सुकता सत्तापक्ष और विपक्ष (कांग्रेस) ही नहीं, आम लोगों में भी है। सूत्रों का दावा है कि डा. सिंह का चुनाव क्षेत्र इस बार बदलना तय है। उन्होंने कहा कि वे किस सीट से लड़ेंगे, इसके लिए सर्वे कराए गए हैं। बताते हैं कि उनकी पसंदीदा सीट कवर्धा है। इस सीट पर लगातार दो बार कांग्रेस के योगीराज चुने गए हैं। इसके अलावा संगठन ने राजनांदगांव शहर और रायपुर की पश्चिम, दक्षिण और उत्तर सीट को भाजपा के लिए पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है।
डा. सिंह मंगलवार से दो दिन तक कवर्धा का दौरा करेंगे। वहां कई स्थानों पर शिलान्यास व लोकार्पण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। स्थानीय भाजपा नेताओं से भी मिलेंगे। उनकी इस कसरत को पार्टी के लोग भी चुनावी तैयारी के रूप में देख रहे हैं। रायपुर में डा. रमन सिंह के रोड शो के बाद से अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे यहां से चुनाव लड़ सकते हैं। ऐसा होता है तो उनकी पार्टी के अलावा विपक्ष के भी कई दावेदारों को नई सीट तलाशनी होगी। संगठन ने यह फैसला मुख्यमंत्री पर ही छोड़ दिया है।
जोगी की चुनौती पर खामोश
पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस सांसद अजीत जोगी कुछ माह से डा. सिंह को लगातार चुनौती दे रहे हैं कि जहां से रमन लड़ेंगे, वहां से मैं (श्री जोगी) भी लड़ूंगा। इस चुनौती पर डा. सिंह की खामोशी भी चर्चा में है। मुख्यमंत्री चुनौती को स्वीकार करने की बजाय कहते हैं कि संगठन का जैसा आदेश होगा, वैसा ही करेंगे।