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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर.
विक्षिप्त पिता ने ब्लेड से गला रेतकर अपने 13 वर्षीय पुत्र की हत्या कर दी। हत्या कर उसने लाश एग्रीकल्चर कालेज परिसर में एक गड्ढे में फेंक दी।
हत्या के बाद आत्मग्लानि में उसने अपने गले पर भी तीन स्थानों पर ब्लेड चला लिया। उसे गंभीर हालत में सिम्स में भर्ती कराया गया है। सोमवार की शाम उसका आपरेशन किया गया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
सरकंडा पुलिस के अनुसार सीपत चौक के पास रहने वाला पवन अग्रवाल, घर के सामने ही अग्रवाल फ्लोर मिल चलाता है। वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है। सामान्य तौर पर उसे कोई परेशानी नहीं होती और वह अच्छी तरह दुकान चलाकर काम करता है, पर कभी-कभी उसे अचानक दौरा पड़ता है। दौरे के समय वह अनियंत्रित हो जाता है।
उसका 13 वर्षीय पुत्र गौरव उर्फ सन्नी अग्रवाल सरस्वती शिशु मंदिर मंे आठवीं कक्षा का विद्यार्थी था। रविवार की रात पवन अपने पुत्र को लेकर यदुनंदन नगर निवासी अपनी बहन के घर सोने के लिए चला गया था। सोमवार की सुबह वे घर वापस लौटे। घर मंे स्नान के बाद कुछ देर बैठकर सुबह लगभग 11 बजे पवन अपने पुत्र को लेकर घूमने के लिए निकल गया। काफी देर तक जब वे घर वापस नहीं लौटै, तो परिजन को चिंता होने लगी। परिजन आसपास उनकी तलाश करने लगे।
इधर दोपहर लगभग 2:45 बजे पवन का परिचित सरकंडा निवासी मनोज मिश्रा यूनिवर्सिटी की ओर से एग्रीकल्चर कालेज जा रहा था। कालेज के गेट से कुछ दूर पर उसे पवन दिखाई दिया। उसके गले में कई स्थानों पर चोट के निशान थे और कीचड़ से सने कपड़ों में खून लगा हुआ था।
मनोज को लगा कि वह किसी हादसे का शिकार हुआ है। गाड़ी रोककर वह उसके पास पहुंचा और उससे पूछताछ की। गले में चोट की वजह से वह कुछ बोल नहीं पा रहा था। मनोज उसे अपनी बाइक पर बिठाकर अस्पताल ले जाने लगा। जैसे ही वे एग्रीकल्चर कालेज के गेट के पास पहुंचे, पवन ने उसे रुकवाया। उसने हाथ से इशारा कर मनोज को बताया कि उसने अपने बच्चे का गला रेत दिया है।
वह हाथ पकड़कर उसे कालेज परिसर में स्थित एक गड्ढे के पास ले गया। वहां कीचड़ में गौरव की लाश पड़ी हुई थी। उसका गला रेत दिया गया था। पास में ही खून से सनी हुई ब्लेड पड़ी थी। मनोज ने तत्काल फोन पर उसके परिजन और पुलिस को घटना की सूचना दी। कुछ ही देर में एसपी विवेकानंद सिन्हा स्टाफ सहित मौके पर पहुंच गए।
इधर परिजन भी एक-एक करके वहां पहुंच गए। कुछ ही देर मंे वहां आसपास के लोगांे की भीड़ जमा हो गई। गंभीर रूप से घायल पवन को सिम्स मंे भर्ती कराया गया। उसका सोमवार की शाम आपरेशन किया गया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने गौरव के शव को पोस्टमार्टम के लिए पंचनामा के बाद सिम्स भिजवा दिया। शव के पास से ब्लेड जब्त कर ली गई है। कुछ देर बाद सीएसपी केएस ठाकुर मौके पर पहुंचे। इस बीच परिजन का बयान लिया गया। अंत मंे सरकंडा टीआई केएस कुंवर घटनास्थल पर पहुंचे।
मेधावी छात्र था सन्नी: सन्नी पहले सरकंडा स्थित वैदिक कान्वेंट स्कूल में पढ़ता था। बाद में उसका एडमिशन सरस्वती शिशु मंदिर मंे करवा दिया गया। वह शुरू से ही मेधावी छात्र था। पिछले दिनों हुई परीक्षा मे उसे 100 फीसदी अंक मिले थे। अपनी छोटी बहन गुंजन से उसका विशेष लगाव था।
चिट्ठी में भी कबूला अपराध
गले में गंभीर चोट की वजह से पवन कुछ बोल नहीं पा रहा था। सिम्स में आपरेशन से पहले उसने एक चिट्ठी लिखकर वहां मौजूद लोगों को दी। चिट्ठी मंे लिखा था कि सन्नी की हत्या उसने ही की है। हत्या के बाद वह खून से लथपथ सड़क पर घूम रहा था। जब मनोज फोन पर पुलिस व परिजन को सूचना दे रहा था, तब पवन पास के एक मंदिर मंे जाकर घंटी बजाने लगा।
सन्नी शांत कराता था पिता को
जानकारी के अनुसार जब पवन को दौरा पड़ता था, तब उसे नियंत्रित करना काफी मुश्किल हो जाता है। परिजन व पड़ोसी मिलकर भी उसे संभाल नहीं पाते हैं। पर सन्नी जब उसके पास आकर उसे समझाता, तो वह शांत हो जाता था। इसलिए जब उसे दौरा पड़ता था, तो परिजन सबसे पहले सन्नी को वहां बुलवाते थे।