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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान हुई महापौर की मौत के मामले की जांच कर रही शासकीय कमेटी ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट हेल्थ सेक्रेटरी को सौंप दी। इधर जिला प्रशासन ने रिपोर्ट सौंपने के बाद अपोलो प्रबंधन को दोबारा पत्र लिखकर उनके द्वारा जांच में किए गए असहयोग पर खेद जताया है।
महापौर अशोक पिंगले की मौत के मामले में अपोलो प्रबंधन व उनका इलाज कर रहे डा. जयराम अय्यर पर लापरवाही का आरोप लगा है। इन आरोपों की जांच के लिए राज्य सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है, जांच कमेटी ने जिला प्रशासन द्वारा अपोलो से जब्त किए गए दस्तावेज व सिविल लाइन तथा सरकंडा थाने से इस मामले से संबंधित दस्तावेज को अपने कब्जे में लेकर जांच आरंभ की।
जांच के लिए दस्तावेज पर्याप्त न होने पर कमेटी ने अपोलो प्रबंधन को पत्र लिखकर अन्य दस्तावेज तथा डीफेब्रिलेटर, वेंटीलेटर एवं कार्डिएक मानिटर की रिपोर्टिग उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन अपोलो प्रबंधन ने बार बार मांगे जाने के बावजूद कमेटी को दस्तावेज व रिपोर्टिग नहीं सौंपी। कमेटी ने सोमवार को जांच प्रतिवेदन तैयार कर रिपोर्ट हेल्थ सेक्रेटरी आरएस विश्वकर्मा को सौंप दी जिसमें अपोलो प्रबंधन द्वारा मांग के बावजूद असहयोग करते हुए दस्तावेज उपलब्ध न कराने की जानकारी का उल्लेख किया गया है। जिला प्रशासन को भी इस संबंध में अवगत करा दिया गया था।
इधर जांच कमेटी द्वारा राजधानी में हेल्थ सेक्रेटरी को जांच प्रतिवेदन सौंपने के बाद जिला प्रशासन की ओर से एडीशनल कलेक्टर पीएस एल्मा ने अपोलो प्रबंधन को पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर की है।
पत्र में कहा गया है कि प्रबंधन द्वारा शासन द्वारा गठित कमेटी को इलाज से संबंधित दस्तावेज व रिकार्डिग उपलब्ध न कराकर प्रबंधन ने असहयोग किया है, जो खेदजनक है। उन्होंने प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे कमेटी को जांच के लिए मांगी गई चिकित्सा उपकरणों की रिपोर्टिग व महापौर के इलाज से संबंधित समस्त दस्तावेज उपलब्ध कराएं।
शाम को 7 बजे जांच कमेटी के सदस्यों ने कार्यालय में पहुंचकर उनके समक्ष सीलबंद लिफाफा प्रस्तुत कर दिया है। रिपोर्ट की जांच करने के बाद एक - दो दिन में निर्णय लिया जाएगा।
—आरएस विश्वकर्मा, हेल्थ सेक्रेटरी