जालंधर. पाकिस्तान की खुफिया एजैंसी आईएसआई ने पंजाब को तबाह करने के लिए अब नया खेल शुरू कर दिया है। भारत के विभिन्न हिस्सों तक जाली करंसी और देश-दुनिया तक हैरोइन पहुंचाने के लिए आईएसआई पंजाब को एक प्लेटफार्म के रूप में इस्तेमाल करने में जुट गई है।
इसके अलावा पंजाब के युवकों को नशेड़ी बनाने के लिए आईएसआई भारत में सक्रिय तस्करों को यहां सिंथैटिक ड्रग समेत सभी प्रकार के नशे की तस्करी के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
इस काम में वह पुराने आतंकवादियों की भी मदद ले रहा है। जाली नोट का कारोबार बढ़ाने के लिए आईएसआई केवल उन्हीं तस्करों को नशे के कारोबार में मदद दे रही है जो जाली नोट का काम भी कर रहे हैं।
इस बात का सबूत इसी से मिल जाता है कि पंजाब में जनवरी 2007 से लेकर अब तक पुलिस, डीआरआई, बीएसएफ ने 750 करोड़ की हैरोइन, एक करोड़ रुपए से ज्यादा की जाली करंसी और राज्य के स्वास्थ्य विभाग व पुलिस ने 90 लाख रुपए के सिंथैटिक ड्रग बरामद किए हैं।
क्या है खेल
जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, फिरोजपुर, गुरदासपुर जिलों में हैरोइन और जाली करंसी की सीमा पार से तस्करी करने वालों का एक बड़ा नैटवर्क बना हुआ है। तस्कर अब हैरोइन के साथ-साथ जाली करंसी का काम भी कर रहे हैं।
हैरोइन नहीं होती खपत
पंजाब में हैरोइन की खपत नहीं होती। तस्कर सीमा पार से तस्करी कर लाई जाने वाली हैरोइन दिल्ली पंहुचा देते हैं और वहां से तस्कर इसको विदेश भेज देते हैं।
नशीले पदार्थ पड़ोसी राज्यों से
पंजाब में गांजा, चरस, चूरा पोस्त, स्मैक, अफीम और सिंथैटिकड्रग की काफी मांग है। नशेड़ियों की मांग हिप्र, हरियाणा, राजस्थान से पूरी होती है। हिप्र का कुल्लू-मनाली और चंबा ड्रग्ज की तस्करी के मुख्य केंद्र हैं। यहीं से पंजाब में ड्रग आती है। सिंथैटिक ड्रग दिल्ली में तैयार होती है। हरियाणा के रास्ते यह पंजाब आती है।